दिवाली पर पटाखे न जलाने की अपील से भड़के फिल्म निर्माता Ashoke Pandit, नगर निगम से पूछा- ईद-क्रिसमस पर क्यों नहीं देते ऐसी नसीहत ?
punjabkesari.in Monday, Nov 02, 2026 - 02:23 PM (IST)
Ashoke Pandit BMC Controversy : फिल्म निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पंडित ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के उस जागरूकता अभियान की कड़ी आलोचना की है, जिसमें नागरिकों से दिवाली पर पटाखे न जलाने की अपील की गई है।
फिल्म निर्माता ने सवाल उठाया कि नगर निकाय ईद और क्रिसमस जैसे अन्य धार्मिक त्योहारों के दौरान ऐसी अपील क्यों नहीं जारी करता ? BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े को संबोधित एक कड़े वीडियो संदेश में, अशोक ने नगर निकाय पर आरोप लगाया कि हिंदू त्योहार मनाने के बारे में लोगों को जागरूक करने के नाम पर, वे केवल मशहूर हस्तियों (सेलिब्रिटीज) और ग्लैमर पर ही ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
वीडियो में अशोक ने कहा, "माननीय नगर आयुक्त अश्विनी भिड़े जी, हमें यह बताने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनानी है। हमें पर्यावरण बचाने के बारे में भी आपसे कोई सीख लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सवाल किया, "आप लोग ग्लैमर के इतने दीवाने हो गए हैं कि आपने हमारी इंडस्ट्री की मशहूर हस्तियों का इस्तेमाल किया और उनसे पर्यावरण बचाने पर लेक्चर देने को कहा। आप ग्लैमर के इतने दीवाने क्यों हो गए हैं ? हमारे त्योहारों पर लेक्चर देने वाले आप होते कौन हैं ?
उन्होंने आगे कहा, "मैंने कभी आपको ईद या क्रिसमस के मौके पर कुछ कहते नहीं सुना। क्या किसी भी धार्मिक त्योहार पर BMC कभी इतनी सक्रिय रही है कि वह बताए कि ईद कैसे मनानी चाहिए, सड़कों पर बकरियों की कुर्बानी नहीं देनी चाहिए, या खून-खराबा नहीं करना चाहिए? मैंने BMC के हैंडल पर ऐसा कभी नहीं देखा।" "मैंने कभी आपको क्रिसमस पर पटाखे फोड़ने से मना करते नहीं देखा। हमारी इंडस्ट्री के ये लोग हमेशा हमारे हिंदू त्योहारों पर ही लेक्चर क्यों देते हैं? मुझे सच में हैरानी हो रही है। BMC इन सब फालतू बातों में क्यों पड़ रही है ? आप अवैध बस्तियों को नहीं हटाते। आकर देखिए कि गोरेगांव से मलाड तक लेक रोड का क्या हाल है, वहां क्या-क्या बना हुआ है। नेता लोग जननवी (एक धार्मिक आयोजन) मना रहे हैं, उसे तो आप नहीं हटाते। आप सड़कें नहीं बनाते, नालियां नहीं बनाते, साफ पानी नहीं देते। और अब आप हमें लेक्चर दे रहे हैं कि दिवाली कैसे मनानी चाहिए! अपनी प्राथमिकताएं तो ठीक कर लीजिए।
फिल्म निर्माता ने आगे कहा, “और आप होते कौन हैं हमें यह बताने वाले कि दिवाली कैसे मनानी चाहिए ? आप हैं कौन ? हमारा एक त्योहार है, हम इसे मनाएंगे। हम जिम्मेदार लोग हैं और जानते हैं कि अपने त्योहार कैसे मनाने हैं। उन्हें लेक्चर दीजिए जिन्हें नहीं पता कि अपने त्योहार कैसे मनाए जाते हैं। अब बहुत हो गया।” उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “ये वही लोग हैं जो हमारी इंडस्ट्री में आकर लेक्चर देते हैं, लेकिन बाकी त्योहारों पर कुछ नहीं बोलते। आप हमारे धर्म का और कितना अपमान करेंगे? क्या आपमें थोड़ी भी समझ है? मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं, कृपया ये सभी ट्वीट और इंस्टाग्राम पोस्ट हटा दें, और हमें यह बताना बंद करें कि अपने त्योहार कैसे मनाने हैं,धन्यवाद। अशोक की यह टिप्पणी BMC के हालिया दिवाली जागरूकता अभियान को लेकर हुए विवाद के बीच आई है, जिसमें अभिनेत्री दीया मिर्जा शामिल थीं।
नगर निकाय (BMC) ने अभिनेत्री का एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह मुंबईवासियों से अपील कर रही थीं कि वे पटाखों को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करें और त्योहारों के दौरान शोर-शराबे (ध्वनि प्रदूषण) से बचें। वीडियो में यह भी बताया गया था कि सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ना मना है।
इसके तुरंत बाद, मुंबई BJP अध्यक्ष अमित सातम ने इस अभियान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि शहर को दिवाली मनाने के लिए किसी अभिनेत्री से सीख लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि यहां की परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। इस तीखी आलोचना के बाद, BMC ने बिना कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण दिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दीया मिर्जा वाला वीडियो हटा दिया।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और नगर निकायों से कहा था कि वे त्योहारों के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं। कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया था कि नागरिकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए मशहूर हस्तियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद ली जाए।
