Yogini Ekadashi 2026 : योगिनी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, तभी सफल माना जाएगा आपका व्रत

punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 01:57 PM (IST)

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Niyam : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत खास महत्व है। हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी का व्रत रखा जाता है, लेकिन आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष के दौरान आने वाली एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ विष्णु जी की पूजा करने सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष का प्राप्ति होती है। इस दिन कुछ  नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है। योगिनी एकादशी के दिन कुछ ऐसी गलतियां हैं, जो भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। तो आइए जानते हैं कि वो कौन सी गलतियां हैं, जो योगिनी एकादशी के दिन नहीं करनी चाहिए।  

योगिनी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां 

चावल का सेवन 
एकादशी के दिन चावल का सेवन करना वर्जित माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चावल का सेवन करने से रेंगने वाले जीव के मांस के समान माना गया है। इसलिए भूलकर भी घर में चावल न बनाएं।

तुलसी दल तोड़ने की गलती न करें
भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय हैं। तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। लेकिन एकादशी के दिन भूलकर भी तुलसी के पत्तों के तोड़ना नहीं चाहिए क्योंकि यह माना जाता है कि माता तुलसी इस दिन भगवान विष्णु के लिए स्वयं व्रत रखती हैं। 

लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन से दूरी
एकादशी के दिन पूरे परिवार को सात्विक भोजन करना चाहिए। भोजन में लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा या मसूर की दाल का उपयोग बिल्कुल न करें। ऐसा भोजन मन में अशुद्धि लाता है और पूजा से ध्यान भटकाता है।

दिन के समय सोने से बचें
एकादशी के दिन आलस्य और दिन में सोने से बचना चाहिए। इस दिन समय को सोने में गंवाने के बजाय भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना चाहिए या धार्मिक पुस्तकें जैसे 'विष्णु सहस्त्रनाम' पढ़नी चाहिए। रात्रि में भी जागरण का विशेष महत्व है।

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Content Editor

Sarita Thapa

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