तमिलनाडु: अब महिलाएं भी बन सकेंगी मंदिरों में पुजारी, करना होगा ये कोर्स

2021-06-16T16:09:27.597

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
हमारे देश में कई प्राचीन मंदिर हैं जहां पुरुष पुजारी हैं। परंतु बात करें तमिलनाडु की तो यहां पर सरकार द्वारा घोषण कर दी गई है, जिसके अनुसार यहां महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण अर्थात आगम शास्त्र का कोर्स करने के बाद राज्य के मंदिरों में पुजारी के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा। बता दें इसके पहले राज्य सरकार द्वारा हाल ही में कहा गया था कि वह महिलाओं को राज्य के मंदिरों में पुरोहित के रूप में नियुक्ति पर विचार करेगी। 

धार्मिक और धर्मार्थ सहायता विभाग के मंत्री शेखर बाबू ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जो महिलाएं मंदिरों में पुजारी बनना चाहती हैं वे इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। परंतु इससे पहले उन्हें पुरोहित बनने के लिए आवश्यक कोर्स करना होगा, जिसके लिए उन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी। 

खबरों के अनुसार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की मंजूरी के बाद, उन्हें ट्रेनिंग कोर्स के लिए ऑफर किया जाएगा। बता दें महिलाओं द्वारा कोर्स सुचारू रूप से संपन्न होने के बाद उनकी नियुक्ति पुजारी के रूप में की जा सकेगी। 

राज्य के भाजपा अध्यक्ष ने इसका स्वागत करते हुए कहा है कि पौराणिक समय से ही सभी जातियों के लोग, पुरुष और महिलाएं तमिलनाडु के मंदिरों में पुजारी रहे हैं। उस समय में महिलाओं को आगम शास्त्रों का ज्ञान हुआ करता था। हालांकि मेलमरुवथुर आदिपरशक्ति मंदिर में महिलाएं पहले से ही पूजा कर रही हैं।

यहां जानें क्या है आगम शास्त्र- 
कहा जाता है कि आगम शास्त्र हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें मंदिर की जमीन से लेकर उसके नींव और उसके शिखर तक के नियम बताए गए हैं। इसके अनुसार अति प्राचीन समय में जो बड़े मंदिर बनाए गए थे उन्हें छोड़कर, पिछले 100 सालों में स्थापित छोटे मंदिर आगम मंदिर नहीं हैं, वे इन मंदिरों से मार्गदर्शन ले सकते हैं।


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Content Writer

Jyoti

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