क्या पिता की डांट का मतलब समझते हैं आप ?
punjabkesari.in Friday, Jul 03, 2026 - 12:15 PM (IST)
जब एक पिता, अपने पुत्र को किसी कठिन काम के लिए कहता है, तो इसका मतलब यह नहीं होता कि उसे अपने पुत्र से स्नेह नहीं या यह काम पिता नहीं कर सकता, बल्कि इसका सीधा-सादा कारण यह होता है कि उसका पुत्र जीवन में आने वाले कठिन समय को, मुश्किल काम को, पिता के रहते हुए सीख ले।

शायर मनोज मुंतशिर को स्कूल का पहला दिन आज भी याद है। उनके अनुसार : ‘‘पहली बार मैं अजनबी लोगों के बीच अकेला था। इतना रोया कि चार दिनों तक, आंखें लाल रहीं, परंतु चुप कराने की बजाय पिता वहीं अटके और कहते रहे,‘‘रोना बंद करो, मजबूत बनो।’’

‘‘जब पार्क में झूलों से गिरा पड़ा था, मेरी चोट की ओर आपने एक नजर देखा भी नहीं। बस वही पुराना टेप चला दिया,‘‘मजबूत बनो।’’

‘‘अरब देश में एक शेख है, जो सोने से बनी मोटर कार में चलता है। ऐसे-ऐसे लोग हैं जिनकी नैट वर्थ 100 मिलियन डालर पार कर चुकी है, लोगों के पास इतना धन है कि रखने के लिए बैंकों में जगह नहीं बची है लेकिन अमीरों की लिस्ट में, आज भी मेरे बापू न बर वन पर जमे हुए हैं, मेरे बापू जी से बड़ा धनवान कौन होगा, जो कुर्ते की कटी हुई जेब में हाथ डाल कर बोले,‘‘मेरे बेटे को जो चाहिए वह मिलेगा।’’
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