Wednesday dedicated to Lord Ganesha: बुधवार का दिन भगवान गणेश को क्यों है समर्पित ?
punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 11:00 AM (IST)
Wednesday dedicated to Lord Ganesha: हिन्दू धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि भगवान गणेश की वंदना करने से व्यक्ति सभी दुखों से मुक्ति पाता है। साथ ही यदि सच्चे मन से भगवान गणेश की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाए तो यश, कीर्ति और धन की प्राप्ति होती है। उनकी वंदना करने से कार्यों में आने वाली सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं।
माना जाता है कि भगवान गणेश की वंदना को सुनने मात्र से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन भगवान गणेश की आराधना करता है तो उसके जीवन में शुभता बनी रहती है और जीवन में नकारात्मकता नहीं आ पाती। इसके अलावा ऐसे लोगों की सोच भी शुद्ध और सकारात्मक रहती है।

पंचांग के अनुसार, सप्ताह का हर एक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है। इसी तरह बुधवार का दिन भगवान गणेश जी को समर्पित है। प्रथम पूज्य गणपति की पूजा-अर्चना करने से बल-बुद्धि, यश, मान-सम्मान, विद्या, विवेक आदि की प्राप्ति होती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है इसलिए उनके मंत्रों के जप से प्रत्येक परेशानी खत्म हो जाती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार का संबंध बुध ग्रह से है, जो बुद्धि, वाणी, तर्क और व्यापार का कारक माना जाता है। भगवान गणेश भी बुद्धि और विवेक के अधिष्ठाता देव हैं, इसलिए बुधवार को उनकी उपासना विशेष फलदायी मानी गई है।

शास्त्रों में गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा गया है। मान्यता है कि बुधवार के दिन विधि-विधान से गणेश पूजा और मंत्र जप करने से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को सफलता प्राप्त होती है। इस दिन गणपति की आराधना करने से विद्या, यश, मान-सम्मान और धन की प्राप्ति होती है। इसलिए बुधवार को गणेश जी की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है।


