घर में दीपक जलाते समय बत्ती की दिशा क्यों मानी जाती है खास, जानिए वास्तु की मान्यता
punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 02:34 PM (IST)
Vastu Tips for Diya : हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र में दीपक जलाने का बहुत खास महत्व है। घर में दीपक जलाना सिर्फ अंधकार को दूर नहीं करता, बल्कि सनातन परंपरा और वास्तु शास्त्र में इसे सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। किसी भी शुभ काम में या रोजाना जीवन में सुबह या शाम के समय लोग प्रभु के समक्ष दीपक जलाते हैं। बिना दीपक जलाएं प्रभु की पूजा संपन्न नहीं मानी जाती है। अक्सर दीपक जलाते समय तेल या घी का ध्यान तो रखते हैं, लेकिन दीपक की बत्ती की दिशा भूल जाते हैं। माना जाता है कि अगर वास्तु के नियमों का पालन करते हुए प्रभु के सामने दीपक जलाया जाएं तो शुभ फल की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि घर में दीपक जलाते समय दीपक की बत्ती किस दिशा में रखनी चाहिए।
किस दिशा में होनी दीपक की बत्ती?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में या पूजा करते समय दीपक की बत्ती हमेशा उत्तर दिशा या पूर्व दिशा की ओर होनी चाहिए। क्योंकि उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। इस दिशा में दीपक की बत्ती रखने से घर में धन का आगमन होता है, व्यापार में मुनाफा बढ़ता है और नौकरी के नए अवसर मिलते हैं।
किस दिशा में नहीं होनी चाहिए दीपक की बत्ती?
वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा को यमराज और पितरों की दिशा माना गया है। वास्तु के अनुसार, इस दिशा में नियमित रूप से दीये की बत्ती रखने से धन हानि हो सकती है, परिवार में क्लेश बढ़ता है और दुर्घटनाओं का भय रहता है।
दीपक से जुड़े नियम
अगर आप गाय के शुद्ध घी का दीपक जला रहे हैं, तो उसमें सफेद रूई की बत्ती का इस्तेमाल करें। वहीं अगर आप सरसों या तिल के तेल का दीया जला रहे हैं, तो लाल धागे या कलावे की बत्ती का उपयोग करना अधिक फलदायी होता है।
दीये को हमेशा भगवान की मूर्ति या तस्वीर के ठीक सामने या दाहिने हाथ की तरफ रखना चाहिए।
कभी भी टूटे हुए या चटके हुए मिट्टी के दीपक का इस्तेमाल पूजा में न करें। यह घर में नकारात्मकता लाता है।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
