महाकाल दरबार में भेदभाव ? सांसद अनिल फिरोजिया ने उठाई आवाज, VIP प्रोटोकॉल के दुरुपयोग पर प्रशासन को घेरा
punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 10:21 AM (IST)
Ujjain Mahakal Temple news : बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में दर्शन व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया ने मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही 'प्रोटोकॉल व्यवस्था' पर गंभीर आपत्ति जताई है। सांसद का आरोप है कि प्रोटोकॉल के नाम पर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि इसके कारण आम श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद फिरोजिया ने मुद्दा उठाया कि वीआईपी दर्शन के लिए तय किए गए प्रोटोकॉल का पालन सही तरीके से नहीं हो रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रभावशाली लोगों और उनके करीबियों को बिना किसी वैध प्रोटोकॉल के विशेष सुविधा दी जा रही है, जबकि घंटों कतार में खड़े आम भक्तों को दर्शन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
सांसद ने साफ शब्दों में कहा, "प्रोटोकॉल व्यवस्था का दुरुपयोग बंद होना चाहिए। यदि किसी को विशेष अनुमति दी जाती है, तो वह नियमानुसार होनी चाहिए, न कि किसी के व्यक्तिगत प्रभाव के कारण।"
आम श्रद्धालुओं की अनदेखी पर नाराजगी
सांसद ने इस बात पर भी जोर दिया कि महाकाल के द्वार पर सब समान हैं। उन्होंने दर्शन व्यवस्था में हो रही 'आपाधापी' और अव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि जब गैर-जरूरी प्रोटोकॉल बढ़ता है, तो आम श्रद्धालुओं की कतारें रोक दी जाती हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को काफी कष्ट होता है।
मंदिर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
इस विरोध के बाद अब महाकाल मंदिर प्रबंध समिति पर व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाने का दबाव बढ़ गया है। मांग की जा रही है कि प्रोटोकॉल के तहत आने वाले व्यक्तियों की श्रेणी स्पष्ट की जाए। वीआईपी एंट्री के लिए पास सिस्टम को और अधिक पारदर्शी बनाने पर विचार किया जा सकता है। दर्शन के समय को इस तरह प्रबंधित करने की मांग उठी है कि प्रोटोकॉल मूवमेंट से आम कतार प्रभावित न हो।
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