Bageshwar Dham Dhirendra Shastri : कुछ समय के लिए बंद रहेगा दरबार, बद्रीनाथ की बर्फीली पहाड़ियों में गुप्त साधना करेंगे धीरेंद्र शास्त्री
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 11:22 AM (IST)
Bageshwar Dham Dhirendra Shastri : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़ी यह खबर इन दिनों काफी चर्चा में है। उन्होंने स्वयं अपने भक्तों को इस एकांतवास और गुप्त साधना के बारे में जानकारी दी है। यह दिखाती है कि प्रसिद्धि और व्यस्तता के बीच भी एक साधक के लिए 'स्वयं' के साथ समय बिताना कितना जरूरी है। बद्रीनाथ की कड़कड़ाती ठंड में उनकी यह साधना उनके आध्यात्मिक सफर का एक नया अध्याय साबित हो सकती है।
दरबार और कथाओं पर लगेगा विराम
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने घोषणा की है कि वे कुछ समय के लिए अपने नियमित कार्यक्रमों, जैसे कि 'दिव्य दरबार' और 'श्रीराम कथा' से पूरी तरह दूरी बना लेंगे। बागेश्वर धाम में लगने वाला भक्तों का तांता भी इस दौरान थमा रहेगा, क्योंकि बाबा स्वयं वहां मौजूद नहीं रहेंगे।
बद्रीनाथ की पहाड़ियों में एकांतवास
खबर के अनुसार, धीरेंद्र शास्त्री उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ धाम के बर्फीले पहाड़ों के बीच एकांतवास में रहेंगे। यह स्थान अपनी शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए जाना जाता है। वे किसी गुफा या शांत स्थान पर रहकर 21 दिन से लेकर एक महीने तक गहन साधना करेंगे।
डिजिटल डिटॉक्स और मौन का पालन
इस साधना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बाबा पूरी दुनिया से कटे रहेंगे। वे किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या संचार माध्यम का उपयोग नहीं करेंगे। न तो वे किसी को इंटरव्यू देंगे और न ही किसी भक्त से मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि यह निर्णय उन्होंने अपने गुरु की आज्ञा पर लिया है ताकि वे स्वयं को और अधिक ऊर्जान्वित कर सकें।
क्यों कर रहे हैं साधना ?
धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि जिस मोड़ पर वे आज खड़े हैं, वहां खुद को साधना और मानसिक रूप से मजबूत बनाना बहुत आवश्यक है। उन्होंने संकेतों में कहा कि कई बार चुनौतियां और 'बहकाने' वाली स्थितियां सामने आती हैं, जिनसे निपटने के लिए आत्मिक शक्ति और तप की जरूरत होती है। वे मई के महीने में इस यात्रा पर निकल सकते हैं और वहां से नई ऊर्जा और नए विचारों के साथ लौटेंगे।
भक्तों के लिए संदेश
बाबा ने अपने भक्तों से अपील की है कि वे इस दौरान धैर्य बनाए रखें और अपने घर पर ही ईश्वर की भक्ति करें। उनके लौटने के बाद एक बार फिर 'दिव्य दरबार' और कथाओं का सिलसिला नए जोश के साथ शुरू होगा।
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