आप का राशिफल- 24 मार्च, 2020

2020-03-24T11:41:22.983

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आज 24 मार्च, 2020 चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अमावस तिथि मंगलवार है। दोपहर 2.58 तदोपरांत तिथि प्रतिपदा आरंभ। विक्रमी सम्वत् : 2076, चैत्र प्रविष्टे: 11, राष्ट्रीय शक सम्वत्: 1942, दिनांक: 4 (चैत्र), हिजरी साल: 1441, महीना: रज्जब, तारीख: 28, सूर्योदय: 6.30 बजे, सूर्यास्त: 6.38 बजे (जालंधर समय), नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद (24-25 मध्य रात 4.19 तक) तथा तदोपरांत नक्षत्र रेवती। योग: शुक्ल (बाद दोपहर 2.43 तक) तथा तदोपरांत योग ब्रह्म। चंद्रमा मीन राशि पर (पूरा दिन-रात), पंचक लगी रहेगी (पूरा दिन-रात), 24-25 मध्य रात 4.19 के उपरांत जन्मे बच्चे को रेवती नक्षत्र की पूजा लगेगी। इसके अलावा अपना आज का राशिफल जानने के लिए क्लिक करें यहां। 
PunjabKesari, Chaitra Amavasya, चैत्र अमावस्या
पर्व, दिवस तथा त्यौहार : चैत्र अमावस, भौमवती अमावस, विक्रमी सम्वत् 2076 समाप्त, विश्व तपेदिक दिवस। 

दिशा शूल: उत्तर एवं वायव्य दिशा के लिए। 
राहू काल: बाद दोपहर 3:00 से 4:30 बजे तक। 

बता दें चैत्र अमावस्या विक्रम संवंत वर्ष का अंतिम दिन होता है। विक्रम संवंत को आम भाषा में हिंदू कैलेंडर के नाम से जाना जाता है। चैत्र अमावस्या तिथि की समाप्ति के बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि आती है जो हिंदू वर्ष का पहला दिन होता है। कहते हैं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना की थी।

इसके अलावा इस दिन कुछ खास उपाय करने से अधिक लाभ प्राप्त होते हैं-
अमावस्या के दिन पीपल पूजन व 108 बार परिक्रमा करने से ऋण उतर जाता है, धन की कमी दूर होती है एवं शरीर स्वस्थ रहता है। 
PunjabKesari, पीपल, पीपल की पूजा, Worship of peepal tree
भौमवती और शनिश्चरी अमावस्या तिथि पर पीपल में शनि का साक्षात बल रहता है, अत: प्रात:काल सूर्योदय से पूर्व उठ कर या सूर्यास्त के बाद पीपल पूजन व 108 परिक्रमा एवं शनि से संबंधी वस्तुओं का दान पीपल के नीचे करना चाहिए, इससे भारी शनि और पितृदोष की भी निवृत्ति होती है।


Jyoti

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