Smile please: जीवन को सार्थक बनाने के लिए अपनाएं इन महान संतों और विचारकों की सीख

punjabkesari.in Sunday, Feb 08, 2026 - 04:25 PM (IST)

Smile please : जीवन की भागदौड़ और चुनौतियों के बीच अक्सर हम अपनी आंतरिक शांति और सही मार्ग को भूल जाते हैं। ऐसे में महान विचारकों, संतों और दार्शनिकों के शब्द हमारे लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होते। दलाई लामा से लेकर महात्मा गांधी और डॉ. कलाम तक, इन विभूतियों ने अपने अनुभवों को चंद शब्दों में समेटकर हमें जीवन जीने की कला सिखाई है। चाहे वह हृदय को मंदिर मानकर दयालुता का मार्ग अपनाना हो, या सफलता पाने के लिए सूर्य की तरह तपने का साहस जुटाना हो ये विचार हमें याद दिलाते हैं कि हमारी असली पूंजी हमारे कर्म हैं। महापुरुषों के ये सूत्र न केवल हमें कठिन समय में धैर्य रखना सिखाते हैं, बल्कि यह भी बोध कराते हैं कि लक्ष्य तक पहुंचने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण उस तक पहुंचने का ईमानदार प्रयास है। तो आइए जानते हैं इन महान विचारों के बारे में-

हमारा मस्तिष्क, हमारा हृदय ही हमारा मन्दिर है और दयालुता जीवन-दर्शन है।    -दलाई लामा

मृत्यु के उपरांत आप अपने साथ अपने अच्छे-बुरे कर्मों की पूंजी ले जाएंगे। इसके अलावा आप कुछ साथ नहीं ले जा सकते। याद रखें ‘कुछ नहीं’। -स्वामी श्री सुदर्शनाचार्य जी

कुछ लोग आपकी जिंदगी में एक आशीर्वाद की तरह तो कुछ सबक की तरह आते हैं। -मदर टैरेसा

यदि आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं तो आपको पहले उसकी तरह जलना सीखना होगा। -अब्दुल कलाम आजाद

असफलता का मौसम, सफलता के बीज बोने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय होता है। -परमहंस योगानंद

गौरव लक्ष्य पाने के लिए कोशिश करने में है, न कि लक्ष्य तक पहुंचने में।  
            
आप जो करते हैं वह नगण्य होगा लेकिन आपके लिए वह करना बहुत अहम है।  -महात्मा गांधी

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Content Editor

Sarita Thapa

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