Falgun Month Guide 2026: शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन की शुरुआत में की गई ये भूल, बिगाड़ सकती है साल भर का मानसिक संतुलन
punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 08:59 AM (IST)
Falgun Maas 2026: हिंदू पंचांग में फाल्गुन मास को आनंद, उत्साह और भावनात्मक संतुलन का महीना माना गया है। वर्ष 2026 में फाल्गुन मास की शुरुआत 2 फरवरी, सोमवार से हो चुकी है। शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन की शुरुआत केवल तिथि परिवर्तन नहीं होती, बल्कि यह मन, व्यवहार और पूरे वर्ष की मानसिक दिशा तय करने वाला समय माना जाता है।
मान्यता है कि फाल्गुन मास के आरंभ में की गई कुछ गलतियां पूरे साल मानसिक अशांति, रिश्तों में तनाव और असंतोष का कारण बन सकती हैं। इसलिए इस महीने की शुरुआत विशेष सावधानी, संयम और सकारात्मक सोच के साथ करने की सलाह दी जाती है।

नकारात्मक सोच और भावनात्मक असंतुलन से बचें
शास्त्रों में फाल्गुन मास को भावनाओं से गहराई से जुड़ा समय बताया गया है। इस दौरान मन बहुत जल्दी प्रभावित होता है। यदि फाल्गुन की शुरुआत में व्यक्ति नकारात्मक सोच, निराशा, शिकायत या भय का भाव रखता है, तो उसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है।
ईर्ष्या, द्वेष और असंतोष पालना इस समय एक बड़ी भूल मानी गई है। शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन की पहली सोच पूरे मास की मानसिक दिशा तय करती है। इसलिए इस समय कृतज्ञता, संतोष और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना अत्यंत शुभ माना गया है।
घर में कलह और कटु वाणी का प्रयोग न करें
फाल्गुन मास की शुरुआत पर घर का वातावरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस महीने झगड़ा करना, ऊंची आवाज में बोलना या कटु शब्दों का प्रयोग अशुभ प्रभाव डालता है।
फाल्गुन को प्रेम, मेल-जोल और आपसी सौहार्द का महीना कहा गया है। शुरुआत में ही कलह करने से पूरे वर्ष रिश्तों में कड़वाहट बढ़ सकती है। मान्यता है कि फाल्गुन के पहले दिन बोली गई वाणी लंबे समय तक प्रभाव छोड़ती है। इसलिए परिवार के साथ मधुर, संयमित और प्रेमपूर्ण व्यवहार करना शुभ माना गया है।

तामसिक भोजन और असंयमित दिनचर्या से बचें
शास्त्रों में फाल्गुन मास की शुरुआत पर तामसिक भोजन को भी बड़ी गलती बताया गया है। अत्यधिक मसालेदार भोजन, मांसाहार और नशे का सेवन इस समय मन और शरीर दोनों को असंतुलित कर सकता है। फाल्गुन का संबंध आनंद से जरूर है, लेकिन यह आनंद संयम के साथ ही शुभ माना गया है। देर तक सोना, आलस्य करना और अव्यवस्थित दिनचर्या अपनाना नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन की शुरुआत यदि सात्विक भोजन, स्वच्छता और अनुशासन के साथ की जाए, तो पूरे वर्ष स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बना रहता है।
बिना सोच-समझे संकल्प लेना भी है एक बड़ी भूल
फाल्गुन मास की शुरुआत पर संकल्प लेना शुभ माना गया है, लेकिन बिना विचार या दिखावे के लिए संकल्प लेना नुकसानदायक हो सकता है। शास्त्र कहते हैं कि ऐसा संकल्प, जिसे निभाया न जा सके, मन में अपराधबोध और असंतोष पैदा करता है।
इसलिए फाल्गुन में बहुत कठोर या अव्यावहारिक संकल्प लेने से बचना चाहिए। छोटे, सरल और सकारात्मक संकल्प जैसे मधुर व्यवहार, संयमित क्रोध, नियमित प्रार्थना अधिक फलदायी माने गए हैं। मान्यता है कि सही संकल्प व्यक्ति को पूरे वर्ष मानसिक मजबूती और संतुलन प्रदान करता है।

