Sheetala Ashtami: अपने परिवार को मौसमी रोगों से बचाने के लिए इस शुभ मुहूर्त में करें मां शीतला की पूजा

punjabkesari.in Friday, Mar 21, 2025 - 06:58 AM (IST)

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Sheetala Ashtami 2025: हिंदू धर्म में हर वर्ष चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, होली के आठवें दिन शीतला अष्टमी का व्रत किया जाता है। इस दिन दुर्गा और पार्वती मां की अवतार देवी शीतला की पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें ठंडा और बासी खाने का भोग लगाया जाता है। इसलिए इसे बसौड़ा पर्व भी कहा जाता है। इस दिन मां शीतला की सच्चे मन से आराधना करने से व्यक्ति को बीमारियों से मुक्ति मिलती है और लंबी उम्र का वरदान प्राप्त होता है। आइए जानते हैं शीतला अष्टमी डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में-

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When is Sheetala Ashtami 2025 शीतला अष्टमी 2025 कब है

इस वर्ष शीतला सप्तमी का व्रत 21 मार्च 2025 शुक्रवार को है और शीतला अष्टमी का व्रत 22 मार्च 2025 शनिवार को है। इस व्रत में बासा भोजन खाने का विधान है इसलिए इसे बसौड़ा, बसियौरा व बसोड़ा भी कहा जाता है।

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Sheetala Ashtami auspicious time शीतला अष्टमी शुभ मुहूर्त

चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च की सुबह 4:23 पर शुरु होगी और 23 मार्च की भोर पर 5:23 पर समाप्त होगी। शीतला अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:41 से सुबह 6:50 तक रहेगा। 

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Importance of Sheetala Ashtami शीतला अष्टमी का महत्व
माना जाता है कि शीतला अष्टमी पर मां शीतला की आराधना करने से बच्चों को दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलती है। साथ ही व्यक्ति को बीमारियों से मुक्ति मिलती है। इस दिन माता शीतला को बासी खाने का भोग लगाने की परंपरा है। इस दिन ताजा खाना नहीं पकाया जाता है। इस व्रत को लेकर यह माना जाता है कि इसका निर्वाहन से बच्चों को चेचक, खसरा और आंखों की बीमारी परेशान नहीं करती है।

 


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Content Writer

Niyati Bhandari

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