Shani Pradosh Vrat 2020: इस मंत्र का जाप दिलाएगा भोलेनाथ की कृपा अपार

2020-03-20T12:33:37.657

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हिंदू पंचांग के अनुसार कल यानि 21 मार्च दिन शनिवार को प्रदोष व्रत का पालन किया जाएगा। इस बार ये व्रत शनिवार को पड़ रहा है तो इसे शनि प्रदोष के नाम से जाना जाता है। कहते हैं कि इस दिन भोलेबाबा व माता पार्वती की पूजा का विधान है और प्रदोष व्रत का पूजन शाम के समय ही किया जाता है। इस दिन व्रत रखकर शिवजी की प्रदोष काल में विशेष पूजा करने से अनेक कामनाएं स्वतः ही पूरी होने लगती है। बुहत से लोग प्रदोष व्रत रखते हैं, लेकिन जो लोग व्रत नहीं कर पाते वे केवल शाम के समय भगवान का पूजन कर लें तो भी उनकी कृपा को पा सकते हैं। 
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मान्यता है कि प्रदोष काल में विधिवत पूजा अर्चना के बाद रुद्राक्ष की माला से 108 बार "ऊँ नमः शिवाय" मंत्र का जप करें। मंत्र जप पूरा होने के बाद भगवान शंकर जी से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें। 
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भगवान को बनाए हुए प्रसाद का भोग लगाएं और वह प्रसाद सभी में बांटे और बाद में खुद भी ग्रहण करें। कहा जाता है कि उपरोक्त विधि से प्रदोष काल में पूजा करने से व्रती की मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
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हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार अनेक व्रतों में प्रदोष व्रत को सबसे प्रथम स्थान प्राप्त है। प्रदोष वाले दिन व्रत रखकर प्रदोष काल में शिव पूजा अर्चना करने से मनुष्य जीवन में हुए ज्ञात-अज्ञात पुराने से पुराने पाप कर्मों से मूक्ति मिल जाती है और कामनाएं पूरी होने लगती है।


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