Som Pradosh Vrat Kab Hai 2026: मार्च में आएंगे 2 सोम प्रदोष व्रत, नोट करें डेट, मुहूर्त और पूजा विधि
punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 10:02 AM (IST)
Som Pradosh Vrat March 2026: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से जब प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ता है, तो उसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है।
मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस व्रत को विधि-विधान से रखते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मार्च 2026 में खास बात यह है कि इस महीने दो सोम प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं, जिससे शिव भक्तों के लिए यह समय बेहद शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं मार्च में पड़ने वाले सोम प्रदोष व्रत की तिथियां, पूजा मुहूर्त और व्रत की विधि।

मार्च 2026 में सोम प्रदोष व्रत की तिथियां
मार्च महीने में दो सोम प्रदोष व्रत पड़ेंगे:
पहला सोम प्रदोष व्रत: 16 मार्च 2026
दूसरा सोम प्रदोष व्रत: 30 मार्च 2026
इन दोनों दिनों में भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में विशेष फलदायी मानी जाती है।

16 मार्च 2026 सोम प्रदोष व्रत मुहूर्त
प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त: शाम 06:30 बजे से रात 08:54 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 06:30 बजे से रात 08:54 बजे तक
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ: 16 मार्च 2026 को सुबह 09:40 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 17 मार्च 2026 को सुबह 09:23 बजे
इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव का पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

30 मार्च 2026 सोम प्रदोष व्रत मुहूर्त
प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 06:38 बजे से रात 08:57 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 06:38 बजे से रात 08:57 बजे तक
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ: 30 मार्च 2026 को सुबह 07:09 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 31 मार्च 2026 को सुबह 06:55 बजे
इस दिन भी प्रदोष काल में शिव पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
सोम प्रदोष व्रत का महत्व
सोम प्रदोष व्रत को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे प्रभावी व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। संतान सुख की प्राप्ति के लिए भी यह व्रत शुभ माना जाता है। जीवन की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम के साथ सोम प्रदोष व्रत करता है, उसे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि मिलती है।
सोम प्रदोष व्रत पूजा विधि
सोम प्रदोष व्रत की पूजा विधि बेहद सरल लेकिन नियमपूर्वक की जाती है।
व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ तथा हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।
पूरे दिन फलाहार या निर्जल व्रत रखें।
प्रदोष काल से पहले फिर से स्नान करें।
भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें।
शिव मंत्रों का जाप करें और प्रदोष व्रत कथा सुनें।
अंत में शिव आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।
इस दिन भक्त एक समय सात्विक भोजन भी कर सकते हैं।
मार्च 2026 में पड़ने वाले दो सोम प्रदोष व्रत शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ अवसर हैं। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। यदि श्रद्धा और नियम के साथ इस व्रत का पालन किया जाए तो भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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