September Masik Shivratri: आज है मासिक शिवरात्रि, चतुर्दशी तिथि में करें ये काम, फिर देखें कैसे रातोंरात होते हैं मालामाल
punjabkesari.in Wednesday, Sep 09, 2026 - 08:42 AM (IST)
September Masik Shivratri 2026: मासिक शिवरात्रि का धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व होता है। यह व्रत और उपासना का दिन शिव भक्तों के लिए आत्मशुद्धि, पुण्य प्राप्ति और ईश्वर की कृपा प्राप्त करने का एक अवसर होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और रात्रि में शिव जी की विधिपूर्वक आराधना करने से सभी पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि तो साल में एक बार आती है लेकिन मासिक शिवरात्रि हर महीने मनाई जाती है। विशेष रूप से चतुर्दशी तिथि को रात्रि के समय शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, दूध और धतूरा चढ़ाकर शिव जी की पूजा की जाती है।

फिर पूर्व दिशा की ओर मुख करके करें इन कल्याणकारी शिव मंत्रों का जाप करें
पूजा के समय शिव मंत्रों का जाप करने के लिए घर की पूर्व दिशा या किसी शिव मंदिर में बैठना अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान आप महादेव के इन प्रभावशाली मंत्रों का जाप कर सकते हैं:
ॐ त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुतम्। त्रिजन्म पाप संहारम् एक बिल्वं शिवार्पणम्॥
ॐ शिवाय नमः।
ॐ सर्वात्मने नमः।
ॐ त्रिनेत्राय नमः।
ॐ हराय नमः।
ॐ इन्द्रमुखाय नमः।
मासिक शिवरात्रि चतुर्दशी तिथि का शुभ समय
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, सितंबर 2026 में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 9 सितंबर 2026 (बुधवार) को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 10 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर होगा। चूंकि शिवरात्रि की पूजा में रात्रि के समय का विशेष महत्व होता है, इसलिए मासिक शिवरात्रि का पावन व्रत 9 सितंबर, बुधवार को ही रखा जाएगा।
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु अथवा जो व्रत नहीं कर सकते वो भी शाम को सूर्यास्त से पहले स्नान कर प्रदोष काल में शिवलिंग की पूजा करें। रात्रि में चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व होता है। प्रत्येक प्रहर में भगवान शिव को अलग-अलग सामग्री से अभिषेक किया जाता है:
प्रथम प्रहर: जल से अभिषेक
द्वितीय प्रहर: दूध से अभिषेक
तृतीय प्रहर: दही से अभिषेक
चतुर्थ प्रहर: शहद या गंगाजल से अभिषेक
इसके साथ ही बेलपत्र, धतूरा, भस्म, भांग, फल आदि चढ़ाए जाते हैं और ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप किया जाता है।
मासिक शिवरात्रि पर चतुर्दशी तिथि में करें ये काम, रातोंरात बन जाएं मालामाल
मासिक शिवरात्रि पर व्रत रखने से ग्रह दोषों का शमन होता है। कुंडली में राहु, शनि या कालसर्प दोष हो तो इस दिन विशेष पूजन करने से राहत मिलती है। जो भक्त विवाह में विलंब, संतान सुख की कामना या कर्ज से मुक्ति चाहते हैं, उन्हें मासिक शिवरात्रि पर व्रत और रात्रि जागरण अवश्य करना चाहिए। इस दिन दान-पुण्य करने से सौ गुना फल प्राप्त होता है।
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