Republic Day 2020: हर भारतीय को पता होनी चाहिए ये बातें

2020-01-26T12:00:10.857

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
आज 26 जनवरी का यानि गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है और ये दिन हर किसी के लिए बहुत ही खास होता है। देश के हर कोने में इसकी धूम अलग ही होती है। इन दिनों लोग अपने हाथों में तिरंगा लेकर अपनी भावना का व्यक्त करते हैं। बता दें कि भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ। यह दिन 26 नवम्बर भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में इस खास मौके पर देश के ध्‍वज के बारे कुछ बातें हर भारतीय को पता होनी चाहिए। 
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देश की संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को तिरंगे को राष्‍टीय ध्‍वज चुना था। जो हिंदुस्‍तान का अधिकारिक राष्‍ट्रीय ध्‍वज हो गया।

एक किसान और स्‍वतंत्रता सेनानी पिंगली वैंकेया ने ध्‍वज की डिजाइन तैयार की थी।

हमारा ध्‍वज सिर्फ खादी से बनाया जाता है। राष्‍ट्रीय ध्‍वज के निर्माण का काम खादी विकास एवं ग्रामोद्योग आयोग को दिया गया है।

ध्‍वज के अलावा ज्‍यादातर लोग इसे तिरंगा कहते हैं, क्‍योंकि इसमें केशरिया, सफेद और हरा रंग शामिल किया गया है।
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तीन रंगों को उनके अर्थ के कारण तिरंगे में शामिल किया गया था। जैसे कि केशरिया साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफेद शांति और पवित्रता का प्रतीक है, जबकि हरा संपन्‍नता का प्रतीक माना गया है।

देश में बेंगलुरु से करीब 40 किलो मीटर दूरी पर हुबली एक ऐसा लाइसेंस प्राप्‍त संस्‍थान है, जिसे ध्‍वन बनाने और सप्‍लाई करने की अनुमति मिली हुई है।

नियमों के मुताबिक भारतीय ध्‍वज 2 अनुपात 3 में होता है। जिसमें ध्‍वज की लंबाई-चौडाई का डेढ गुना होता है।
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ध्‍वज के तीनों रंगों को भी समानुपात में रखा गया है। ध्‍वज में शामिल अशोक चक्र का कोई माप नहीं है, लेकिन चक्र में 24 तिल्‍लियों का होना जरुरी है।

नियमों के मुताबिक अशोक चक्र हमेशा नीले रंग का होगा। बता दें कि अशोक चक्र सम्राट अशोक के सिंह स्‍तंभ से लिया गया है।


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