Phulera Dooj 2026 Date and Muhurat: राधा-कृष्ण की फूलों की होली का पर्व कब? नोट करें फुलेरा दूज का शुभ समय
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 10:23 AM (IST)
Phulera Dooj 2026 Date and Muhurat: हर वर्ष फाल्गुन माह में होली से पहले मनाया जाने वाला फुलेरा दूज का पर्व भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित होता है। इस अवसर पर विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र के मंदिरों में भव्य आयोजन होते हैं और फूलों की होली खेली जाती है। आइए जानते हैं कि फुलेरा दूज 2026 में कब है, इसकी तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व।

फुलेरा दूज का धार्मिक और पौराणिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के साथ फूलों की होली खेली थी। इसी कारण इस दिन को फुलेरा दूज के रूप में मनाया जाता है। इस दिन वृंदावन, मथुरा, नंदगांव और बरसाना के मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है और श्रद्धालु राधा-कृष्ण की भक्ति में लीन रहते हैं।
फुलेरा दूज 2026 तिथि (Phulera Dooj Date 2026)
वैदिक पंचांग के अनुसार —
द्वितीया तिथि प्रारंभ:
18 फरवरी 2026, दोपहर 04:57 बजे
द्वितीया तिथि समाप्त:
19 फरवरी 2026, दोपहर 03:58 बजे
उदया तिथि के अनुसार फुलेरा दूज 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी।

फुलेरा दूज 2026 शुभ मुहूर्त (Phulera Dooj Shubh Muhurat)
पंचांग विवरण
सूर्योदय: सुबह 06:56 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:14 बजे
चंद्रोदय: सुबह 07:54 बजे
चंद्रास्त: रात 08:11 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त:
सुबह 05:14 बजे से 06:24 बजे तक
अमृत काल:
दोपहर 01:40 बजे से 02:34 बजे तक
विजय मुहूर्त:
दोपहर 02:28 बजे से 03:13 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त:
शाम 06:12 बजे से 06:37 बजे तक
फुलेरा दूज के दिन बिना किसी मुहूर्त दोष के विवाह, सगाई और मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। फुलेरा दूज पर विवाह बाधा दूर होने की मान्यता है। धार्मिक मान्यता है कि फुलेरा दूज के दिन राधा-कृष्ण की पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता आती है। प्रेम संबंध मजबूत होते हैं। सुख-समृद्धि और धन लाभ के योग बनते हैं। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।

फुलेरा दूज के दिन जरूर करें ये काम
भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को नए वस्त्र पहनाएं। फूलों की माला अर्पित करें। फूलों की होली खेलें। माखन, मिश्री, फल और मिठाइयों का भोग लगाएं। मंदिर या जरूरतमंदों को दान करें। “राधे-कृष्ण” नाम का जाप करें।
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