पंडित मदन मोहन मालवीय के त्याग की ऐसी मिसाल, जिससे राजा के जीवन में आया सकारात्मक मोड़
punjabkesari.in Thursday, May 14, 2026 - 10:43 AM (IST)
Pandit Madan Mohan Malaviya Story : पंडित मदन मोहन मालवीय ने जब अपनी कॉलेज की शिक्षा पूरी की थी तब उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी लेकिन उनकी प्रतिभा और विद्वता की चर्चा चारों तरफ थी। उस समय 'कालाकांकर' के राजा रामपाल सिंह को अपने समाचारपत्र के लिए एक योग्य संपादक की जरूरत थी और उन्होंने पंडित मालवीय के बारे में बहुत कुछ सुन रखा था।

राजा ने उन्हें बुलवाकर संपादक पद पर नौकरी करने के लिए पूछा और करीब 250 रुपए मासिक वेतन का प्रस्ताव रखा। पंडित मालवीय ने अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए राजा के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया परंतु उन्होंने एक शर्त रखी कि वह सम्पादन का काम तो करेंगे लेकिन राजा रामपाल सिंह जब शराब के नशे में हों तो उनके करीब न आएं। राजा ने हामी तो भर दी लेकिन एक बार वह शर्त को भूल गए और नशे में पंडित मालवीय के पास चले गए।

पंडित जी ने नाराज होकर अपना त्यागपत्र दे दिया। राजा को अपनी गलती का अहसास हुआ और उनसे क्षमा भी मांगी परंतु फिर भी वह नहीं माने। इस घटना का राजा पर इतना असर पड़ा कि उन्होंने नशे की लत को छोड़ दिया। कहा जाता है कि पंडित मालवीय को कोई आर्थिक नुकसान न हो, इसीलिए वेतन के बराबर राशि राजा उन्हें वकालत की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति के रूप में देने लगे।
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