Nirjala Ekadashi 2021: निर्जला एकादशी पर पड़ेंगे 2 शुभ योग, जानें शुभ मुहूर्त

2021-06-19T09:05:25.803

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Nirjala Ekadashi 2021: हमारे शास्त्रों में एकादशी व्रत को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। हर महीने 2 बार एकादशी आती है। इस हिसाब से एक साल में 24  एकादशियां होती हैं। इनमें ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को बहुत अहमियत दी गई है। इसे निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है । इसके नाम से ही यह स्पष्ट हो जाता है कि यह बहुत कठिन व्रत है और इसमें जल का सेवन नहीं किया जाता। तभी तो इसका नाम निर्जला रखा गया है यानी बिना पानी पिए किए जाने वाला व्रत। इस बार निर्जला एकादशी सोमवार 21 जून को पड़ रही है। खास बात यह भी है की निर्जला एकादशी के दिन दो अत्यंत शुभ योग भी बन रहे हैं।  इस दिन शिव योग के साथ सिद्धि योग भी बन रहा है। शिव योग 21 जून को शाम 05 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सिद्धि योग लग जाएगा।

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Nirjala Ekadashi June 2021: ऐसी मान्यता भी है कि निर्जला एकादशी सभी व्रतों में सबसे प्राचीन है और पदम पुराण में इस का उल्लेख है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का खास महत्व होता है। ऐसा कहा जाता है कि निर्जला एकादशी के दिन पूजा करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में मान-सम्मान, धन-वैभव और अरोग्यता हासिल होता है। ऐसी धार्मिक मान्यता भी है कि केवल एक निर्जला एकादशी व्रत रखने से ही 24 एकादशियों के बराबर पुण्य लाभ मिलता है।

कहा जाता है कि यह व्रत रखने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है और जन्म-जन्मों के बंधन से मुक्ति मिलती है। इसमें पूरे व्रत के दौरान एक बूंद भी जल ग्रहण नहीं किया जाता है। इस व्रत में पारण के बाद ही अन्न-जल ग्रहण किया जाता है।  

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Nirjala Ekadashi 2021 Date Timing Shubh Muhurat: इस बार जिन दो शुभ योगों में निर्जला एकादशी व्रत पड़ रहा है, उसमें शिव योग 21 जून को शाम 05 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। शिव का अर्थ शुभ होता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद शुभ योग में गिना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों के हमेशा शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। 21 जून को शाम 5:34 के बाद ज्योतिष शास्त्र में एक और बेहद शुभ माना जाने वाला सिद्धि योग लग जाएगा। यह योग ग्रह-नक्षत्रों के शुभ संयोग से बनता है। यह योग सभी इच्छाओं को पूरा करने वाला माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होती है।

निर्जला एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त 
वैसे एकादशी तिथि 20 जून को शाम 04 बजकर 21 मिनट से शुरू हो जाएगी और 21 जून दोपहर 01 बजकर 31 मिनट पर
एकादशी तिथि समाप्त होगी। 

व्रत पारण का समय : 22 जून सुबह 5 बजकर 13 मिनट से 08 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। 

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Nirjala ekadashi 2021 vrat puja vidhi निर्जला एकादशी व्रत की पूजा विधि
इस दिन प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। उसके बाद घर के पूजा स्थल पर जाकर भगवान विष्णु को स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें। अब भगवान विष्णु के सामने पुष्प, अक्षत, धूप, दीप, नैवेद्य और प्रसाद वितरण के लिए मिठाई चढ़ाएं। अब व्रत कथा पढ़े या सुनें। दीपक जलाकर आरती करें। इसी तरह शाम को भी और पारण के दिन भी भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करें। 

एकादशी के दिन इनमें से किसी भी मंत्र का 108 बार जाप अवश्‍य करना चाहिए।

मंत्र  हैं- ॐ विष्णवे नम: 

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

एकादशी के दिन गीता का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। 

गुरमीत बेदी  
gurmitbedi@gmail.com

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Content Writer

Niyati Bhandari

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