Navratri Akhand Jyoti Rules: नवरात्रि में अखंड दीपक जलाने के सही वास्तु नियम, घर में बनी रहेगी सकारात्मक ऊर्जा
punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 12:26 PM (IST)
Navratri Akhand Jyoti Rules: हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। कई भक्त इस दौरान घर या मंदिर में अखंड दीपक (अखंड ज्योति) जलाते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में अखंड दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हालांकि अखंड दीपक जलाते समय कुछ वास्तु नियमों का पालन करना भी जरूरी माना गया है। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण नियमों के बारे में।

सही दिशा में रखें अखंड दीपक
वास्तु शास्त्र के अनुसार नवरात्रि में अखंड दीपक हमेशा पूजा घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रखना शुभ माना जाता है। यह दिशा देवी-देवताओं की मानी जाती है। यदि ईशान कोण उपलब्ध न हो तो आप दीपक को पूर्व या उत्तर दिशा में भी रख सकते हैं। इन दिशाओं में रखा दीपक घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
मिट्टी या पीतल के दीपक का करें उपयोग
नवरात्रि में अखंड दीपक जलाने के लिए मिट्टी या पीतल के दीपक का उपयोग करना सबसे शुभ माना जाता है। मिट्टी का दीपक प्रकृति से जुड़ा माना जाता है और यह शुद्ध ऊर्जा का प्रतीक है। वहीं पीतल का दीपक देवी-देवताओं की पूजा में विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

घी या तिल के तेल का करें प्रयोग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अखंड दीपक में देसी घी या तिल के तेल का प्रयोग करना शुभ माना जाता है। घी का दीपक मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय माना जाता है और यह घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें
अखंड दीपक लगातार कई दिनों तक जलता है, इसलिए इसे ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां हवा से बुझने का खतरा न हो। साथ ही दीपक के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए और उसे किसी ज्वलनशील वस्तु से दूर रखना चाहिए।

दीपक की लौ दक्षिण दिशा की ओर न हो
वास्तु शास्त्र के अनुसार दीपक की लौ दक्षिण दिशा की ओर नहीं होनी चाहिए। इसे अशुभ माना जाता है। दीपक की लौ का रुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना अधिक शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
अखंड दीपक की नियमित देखभाल करें
नवरात्रि में अखंड दीपक जलाने के बाद उसकी नियमित देखभाल करना भी आवश्यक होता है। दीपक में समय-समय पर घी या तेल डालते रहें और बाती को ठीक करते रहें ताकि ज्योति लगातार जलती रहे। यह माता दुर्गा की भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्रि में अखंड दीपक जलाना आस्था और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। यदि इसे सही दिशा, सही सामग्री और वास्तु नियमों के अनुसार जलाया जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

