नागपंचमी और तीसरे सावन सोमवार का महासंयोग, आधी रात को खुले नागचंद्रेश्वर मंदिर के द्वार

punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 12:30 PM (IST)

Nag Panchami 3rd Sawan Somwar sanyog 2026 : उज्जैन में नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के संयोग पर रविवार मध्यरात्रि 12 बजे भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोल दिए गए। महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर स्थित यह मंदिर साल में केवल एक बार, नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। पट खुलते ही देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन शुरू किए। दर्शन का सिलसिला सोमवार मध्यरात्रि 12 बजे तक 24 घंटे जारी रहेगा।

Nag Panchami 3rd Sawan Somwar sanyog 2026

पट खुलने से करीब आधे घंटे पहले रात 11:30 बजे प्रथम पूजन शुरू हुआ। मध्यरात्रि में पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज ने भगवान नागचंद्रेश्वर का पूजन और अभिषेक किया। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए। इस दौरान महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर की तीन बार विशेष पूजा की परंपरा है। पहली पूजा मध्यरात्रि में हुई, जबकि दूसरी विशेष पूजा सोमवार दोपहर 12 बजे होगी। शाम को भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद पुजारी और पुरोहित नागचंद्रेश्वर भगवान की विशेष पूजा करेंगे।

Nag Panchami 3rd Sawan Somwar sanyog 2026

श्रद्धालुओं के लिए सामान्य और शीघ्र दर्शन की अलग-अलग प्रवेश व्यवस्थाएं की गई हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर के सामान्य दर्शन के लिए कर्कराज पार्किंग से प्रवेश निर्धारित है, जबकि शीघ्र दर्शन के लिए हरसिद्धि पाल की ओर से व्यवस्था की गई है। नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार का संयोग होने से महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मान्यता है कि नागचंद्रेश्वर मंदिर का निर्माण परमार राजा भोज ने करीब 1050 ईस्वी में कराया था। 1732 में सिंधिया शासनकाल में इसका जीर्णोद्धार हुआ। मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी के साथ फन फैलाए नाग पर विराजमान दुर्लभ प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

Nag Panchami 3rd Sawan Somwar sanyog 2026

(विशाल ठाकुर)

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Content Editor

Sarita Thapa

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