इस कहानी से जानें, किस एक आदत में छिपा है सफलता और समृद्धि का राज

punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 11:17 AM (IST)

Motivational Story : एक किसान को खूब पैतृक संपत्ति मिली। वह दिनभर खाली बैठा रहता। रिश्तेदार और काम करने वाले नौकर-चाकर उसके आलस्य का लाभ उठाते और उसके माल पर हाथ साफ करने में लगे रहते। धीरे-धीरे किसान गरीब होने लगा। एक दिन उसका मित्र उससे मिलने आया। यह हालत देखकर उसे बड़ा कष्ट हुआ। उसने किसान मित्र से कहा कि यह उसे एक महात्मा के पास ले जाएगा जो उसे अमीर होने के नुस्खे बताएंगे।

यह सुनकर वह अपने मित्र के साथ उन महात्मा के पास गया। महात्मा ने समस्या सुनने के बाद किसान से कहा, “हर दिन सूर्योदय से पहले एक श्वेत नीलकंठ खलिहान, गौशाला और घर में चक्कर लगाता है और बहुत जल्दी गायब हो जाता है। उस नीलकंठ के दर्शन से तुम्हारी गरीबी दूर हो जाएगी।”

अगले दिन किसान सूर्योदय से पहले उठा और नीलकंठ की खोज में पहले अपने खेत गया। वहां उसने देखा कि उसका एक रिश्तेदार अनाज से बोरा भरकर ले जा रहा है। शीघ्र ही वह गौशाला पहुंचा तो देखा कि उसका नौकर दूध की भरी बाल्टी चुराकर अपने घर ले जा रहा है। अगले कुछ दिनों तक वह खेत व गौशाला के चक्कर लगाता रहा।

इसके परिणामस्वरूप किसान के रिश्तेदार और नौकर अपना काम ईमानदारी से करने लगे। अब किसान आलस्य से मुक्त
हो गया, लेकिन उसे नीलकंठ के दर्शन नहीं हुए। उसने महात्मा से जब यह बात कही तब उन्होंने कहा, “तुम्हें  उसके दर्शन तो हो गए, लेकिन तुम उसे पहचान नहीं पाए। वह श्वेत नीलकंठ कर्त्तव्य है।” यह सुनकर किसान की आंखें खुल गईं।

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Content Editor

Sarita Thapa

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