Most Effective Astro Remedies: घर और जीवन को सुखी बनाने वाले हैं ये अचूक उपाय, 1 बार अवश्य आजमाएं
punjabkesari.in Wednesday, Aug 30, 2023 - 08:18 AM (IST)
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
How to make your life happy and easy: हिन्दू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है जैसे सोमवार शंकर जी, मंगलवार को श्री हनुमान, बुधवार को गणपति, गुरुवार को भगवान विष्णु, शुक्रवार को देवी लक्ष्मी, शनिवार को शनि देव और रविवार को सूर्य नारायण।
इस दौरान इनकी पूजा-अर्चना करने का विशेष लाभ मिलता है। इसके अतिरिक्त ज्योतिषशास्त्र में कुछ खास उपाय बताए गए हैं, जिससे जीवन में चल रही परेशानियों से राहत हासिल की जा सकती है।
शास्त्रों में कहा गया है कि देव भी यदि कुआचरण करें, तो लक्ष्मी जी उन्हें छोड़कर चली जाती हैं। हमारे आचरण का महत्व हमारे स्वास्थ्य और समृद्धि दोनों से है। जहां गुरुजनों का वास हो, धान्य का पूर्ण रूप से संचय किया गया हो, सगे-संबंधियों से कलह न हो, वहां लक्ष्मी का निवास होता है।

यदि दांपत्य जीवन में तनाव है तो, शुक्रवार के दिन, किसी कन्या को मिष्ठान खिलाकर उपहार या दक्षिणा भी दें। ऐसा 11 बार आजमाएं।
यदि बार-बार वाहन दुर्घटना होती है तो 8 छुहारे या 12 साबुत बादाम, चांदी का चौरस टुकड़ा, मारूति दुर्घटना नाशक यंत्र, लाल कपड़े में बांध कर अभिमंत्रित करवा कर कार या वाहन के ग्लोव में या स्कूटर की डिक्की में मंगलवार सुबह रखें। एक चांदी का चौरस टुकड़ा वाहन चलाने वाले की पाकेट/ पर्स में रखें।
नई गाड़ी शोरूम से बाहर निकालने से पहले एक पानी वाले नारियल पर रौली से स्वास्तिक का चिन्ह बना कर एक बार में तोड़े और प्रसाद के रूप में बांट दें।

गंदे एवं मैले वस्त्रों को पहनना, दांतों को गंदा रखना, भोजन अधिक मात्रा में करना, कठोर शब्द बोलना अर्थात दूसरों का सम्मान नहीं करने से और सूर्योदय तथा सूर्यास्त के समय सोने वाले न तो कभी स्वस्थ रह सकते हैं और न ही उन्हें लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
बार-बार नजर लगने पर हर मंगलवार की शाम बच्चे के ऊपर से 8 सूखी डंडी वाली मिर्च 7 बार उल्टी घुमा के आग में जला दें।
मंगल दोष के लिए नारियल पर तिलक लगा कर लाल कपड़े में बांध कर, मौली लपेट कर 3 मंगलवार जल प्रवाह करें।

जिन कन्याओं के विवाह में विलंब हो रहा है या मंगलीक हैं, 21 मंगलवार हनुमान जी के मंदिर में हनुमान चालीसा श्रद्धा से अर्पित करें।
अपने द्वारा बनाई गई माला पहनना, स्वयं घिसा हुआ चंदन लगाना व स्वयं अपना आसन दूसरे को देना अलक्ष्मी के कारण हैं। रात को दही का सेवन भी अलक्ष्मी प्रदाता है। जो नित्य किसी भी पुष्प की माला पहनें अथवा सुगंधित द्रव्यों को लगाएं, उनकी दरिद्रता का नाश होता है। गुरुजनों की सेवा, तप, विधाओं का ज्ञान प्राप्त करने से जीवन में निरंतर कीर्ति की वृद्धि होती है।
