Mars Transit 2025: मंगल की बिगड़ी चाल, 58 दिन इन राशियों पर भारी

punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 07:53 AM (IST)

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Mars Transit 2025: शरीर में ब्लड सेल्स मंगल से देखे जाते हैं। रिलेशनशिप के लिहाज से देखें तो ब्रदर का कारक मंगल होता है। आपके हौसले का कारक मंगल होता है, मंगल पुरुष की कुंडली में लग्न का भी स्वामी हो जाता है यानी कि राशि का भी स्वामी हो जाता है। तो मंगल एक बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले करते हैं। आपकी कुंडली में मंगल की चाल इन दिनों बिगड़ी हुई है। मंगल 20 अक्टूबर के बाद से दो राशियों के बीच में ही घूम रहे हैं। मंगल की चाल 45 दिन के लिए होती है एक राशि में लेकिन मंगल 20 अक्टूबर के बाद ऐसे बिगड़े हैं कि अब आगे जाकर 2 जून को ही ठीक होंगे। यह लगभग 225 दिन का समय है कि मंगल कर्क और धनु में मिथुन में ही घूम रहे हैं। अब कर्क में आए मंगल 20 अक्टूबर को तो उसके बाद जैसे ही वो कर्क में आए वो शनि के साथ 68 एक्सिस में आ गए क्योंकि शनि 11 राशि में गोचर कर रहे हैं। मंगल चार में आए तो दोनों प्लनेट्स में 6, 8 का एक्सिस बन गया है, ये एक्सिस अच्छा नहीं होता है। यह षडाष्टक ही अच्छा नहीं होता, 20 अक्टूबर को आए और इसके बाद 6 दिसंबर को वक्री हो गए। कर्क में ही वक्री हो गए, कर्क राशि में ही मंगल वक्री हुए इसके बाद 21 जनवरी को मार्गी हुए और 21 जनवरी को वक्री अवस्था में चलते हुए मिथुन राशि में आ गए और 24 फरवरी को दोबारा मार्गी हो गए।  24 फरवरी को मार्गी होने के बाद अभी मिथुन राशि में ही गोचर चल रहा है। अब 2 अप्रैल को फिर से कर्क राशि में आ जाएंगे। जिस दिन मंगल कर्क राशि में आएंगे, उससे तीन दिन पहले शनि कुंभ राशि छोड़ देंगे यानी कि जो पहले षडाष्टक बना था वह षडाष्टक नहीं बनेगा। यह राहत वाली बात है लेकिन मंगल का कर्क राशि में आना अच्छा नहीं है। ये 58 दिनों के लिए यहां पर रहेंगे, 2 जून को मंगल आगे निकलेंगे सिंह राशि में गोचर करेंगे।  सिंह राशि मंगल के अपने मित्र सूर्य की राशि है हालांकि कर्क राशि भी मंगल के मित्र चंद्रमा की राशि है लेकिन कर्क राशि में मंगल का गोचर अच्छा नहीं समझा जाता। मंगल क्योंकि पाप ग्रह है तो सिर्फ तीसरे, छठे और 11वें भाव में ही अच्छे गोचर में होते हैं। तो उन राशियों के लिए तो मंगल का यह गोचर 58 डेज का भी अच्छा हो जाएगा। जिनके लिए यह तीसरे, छठे या ग्यारहवें भाव में होंगे लेकिन बाकी जो नौ राशियां हैं उनके लिए मंगल थोड़ा सा प्रॉब्लमैटिक हो सकते हैं। 

इन राशियों को रखना पड़ेगा ध्यान 

सिंह राशि: सिंह राशि के बहुत सारे ऐसे जातक हैं। खासतौर पर जिनकी उम्र 30 से 40 साल के बीच में है सिंह राशि के जिनका जन्म है मघा नक्षत्र में हुआ है।यह केतु का नक्षत्र होता है और केतु के नक्षत्र में जिनका जन्म हुआ है उनके ऊपर इस समय मंगल की ही महादशा चल रही है। तो महादशा नाथ का यानी कि आपके रोलिंग प्लनेट का नीच हो जाना बारहवें में चले जाना यह अच्छा नहीं है। सिंह राशि के जातकों को थोड़ा सा खास ध्यान रखना पड़ेगा। इस अवधि के दौरान मंगल यहां पर बैठेंगे तो चौथी दृष्टि के साथ आपके तीसरे भाव को एक्टिव करेंगे। आपके थोड़ा सा हौसले में कमी आ सकती है, थोड़ा सा डिटरमिनेशन वीक हो सकता है। डिसीजन मेकिंग थोड़ी सी डिस्टर्ब करने वाली हो सकती है। यह आपको जरूर ध्यान रखना पड़ेगा क्योंकि आपका रूलिंग प्लनेट 12वें भाव को एक्टिव कर रहा है, 12वां खर्चे का भाव होता है। खर्चे थोड़े से बढ़ते हुए नजर आ सकते हैं। नींद से संबंधित समस्या हो सकती है, यहां पर जो 12वां भाव होता है वह हॉस्पिटलाइजेशन का भाव होता है हो सकता है कि आपको कहीं न कहीं हॉस्पिटल का चक्कर लगाना पड़े। जब 12वां भाव जब एक्टिव होता है तो नॉर्मली हॉस्पिटल का चक्कर लग जाता है। मंगल आपके सिक्स्थ को भी एक्टिव कर रहे हैं, सीधी दृष्टि आपके सिक्स्थ हाउस के ऊपर जा रही है। सिंह राशि के जितने भी जातक हैं यह ध्यान रखें कि आपका जो रूलिंग प्लनेट है, वह सिक्स्थ को एक्टिव करके बैठा है तो किसी की भी फाइनेंशियल या लीगल गारंटी नहीं लेंगे। कुछ भी हो जाए यहां पर यदि आप गारंटी लेंगे तो छठा एक्टिव है। सिंह राशि के जातक इसके अलावा अष्टम दृष्टि मंगल की है वह आपके सप्तम भाव के ऊपर आ रही है। यह चार्ट आपके सामने है, सप्तम आपका पार्टनर होता है यह लाइफ पार्टनर का भी भाव है। यह बिज़नेस पार्टनर भी है जितने भी सिंह राशि के जातक पार्टनरशिप में काम कर रहे हैं थोड़ा सा ध्यान रखिए। पार्टनर को लेकर भी और अपने लाइफ पार्टनर को लेकर भी उनकी हेल्थ कॉम्प्रोमाइज हो सकती है, यह जरूर ध्यान रखना पड़ेगा। 

धनु राशि: धनु राशि के भी जितने भी जातक हैं जो जो मूला नक्षत्र में पैदा हुए हैं वो इस समय इसकी मंगल की राशि से गुजर रहे हैं। तो जितने भी जातक हैं धनु राशि के जिनका नक्षत्र केतु का है, उनको ध्यान रखना पड़ेगा। उसका कारण यह है कि आपका रूलिंग प्लनेट इस समय आपके अष्टम भाव में आ गया तो अष्टम भाव में आना आपके रोलिंग प्लनेट का ही अच्छा नहीं है। अष्टम आपकी सीक्रेसी का भाव है, यहां से आपका जितना भी सीक्रेट काम होता है वह सारा अष्टम से ही आता है, भले वह रिलेशनशिप का मामला है। बिजनेस का मामला है कुछ भी जो आप सीक्रेट रखना चाहते हैं वह अष्टम से ही आता है तो सीक्रेसी कॉम्प्रोमाइज हो सकती है। अगले 2 महीने ध्यान रखें क्योंकि यदि आपकी सीक्रेसी कॉम्प्रोमाइज हुई तो इससे आपको लॉस ऑफ मनी हो सकता है। यदि आपका कोई फाइनेंशियल ऐप जिस पर आप ट्रेडिंग करते हो या आपका बैंकिंग ऐप है, वहां पर आपको उसका नुकसान हो सकता है। मंगल का नीच जाना अष्टम में जाना अच्छा नहीं है। मंगल यहां से चौथी दृष्टि से आय स्थान को देखेंगे, सातवीं दृष्टि से धन भाव को देखेंगे तो यहां दोनों जगह पर नुकसान हो सकता है। दूसरा मंगल की आठवीं दृष्टि आपके अष्टम भाव के ऊपर पड़ेगी। धनु राशि के जातकों को भी डिसीजन मेकिंग में दिक्कत आ सकती है, थोड़ा सा डिटरमिनेशन में कमी हो सकती है। ब्रदर के साथ रिलेशनशिप थोड़ा सा मुश्किल हो सकता है। यह दो राशियां खासतौर पर ऐसी हैं जिनको ध्यान रखना है। जितने भी जातक धनु राशि के हैं उनको उनको गंडमूल लगा होता है। यदि केतु के नक्षत्र में पैदा हुए हैं तो निश्चित तौर पर आपके ऊपर मंगल की दशा चल रही है। यह दशा नाथ है तो इन दो राशियों को खासतौर पर ध्यान रखना पड़ेगा। 

These zodiac signs will get benefit इन राशियों को मिलेगा फायदा 

वृष राशि: वृषभ राशि शुक्र की राशि है हालांकि मंगल वृषभ राशि के लिए 12वें के भी स्वामी हो जाते हैं। लेकिन वृषभ के ऊपर मंगल की दशा नहीं है इसलिए यहां पर तीसरे भाव का गोचर मंगल का अच्छा मान के चलेंगे। भले ही वह नीच में चले गए लेकिन तीसरे भाव का गोचर अच्छा हो जाएगा तो निश्चित तौर पर आपके लिए डिटरमिनेशन वाला भाव थोड़ा सा स्ट्रांग हो जाएगा। मंगल का यहां से गोचर आपके लिए अच्छा है, कॉन्फिडेंस के लिहाज से अच्छा है। ब्रदर के साथ रिलेशनशिप के लिहाज से अच्छा है आपके डिसीजन मेकिंग के लिहाज से अच्छा है। यहां पर चीजें आपके लिए काफी बेटर हो सकती हैं। यह वृषभ राशि के जातकों के लिए है यदि कोई कोर्ट का केस चल रहा है तो वहां पर भी आपको थोड़ी सी राहत मिलती हुई नजर आ सकती है। मंगल का यह गोचर इन जातकों के लिए निश्चित तौर पर अच्छा हो सकता है। 

कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर छठे भाव में होगा। छठा रोग, ऋण और शत्रु का भाव है। यहां पर यदि आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो वहां पर आपको राहत मिलती हुई नजर आ सकती है। फिजिकल प्रॉब्लम कम हो सकती है। इसके अलावा यदि कोई कोर्ट केस है तो वहां पर चीजें आपके लिए अच्छी होती हुई नजर आएंगी और डिसीजन मेकिंग आपके लिए अच्छी हो जाएगी क्योंकि मंगल आपके लिए तीसरे भाव के भी स्वामी बनते हैं। यहां पर मंगल आपके लिए अष्टम दशम भाव के स्वामी बनते हैं और तीसरे भाव के स्वामी बनते हैं। मंगल का शुभ गोचर में जाना दोनों भावों के लिए अच्छा है। कर्ज वाली स्थिति अगले 2 महीने में आपको थोड़ी सी राहत मिलती हुई नजर आ सकती है। 

कन्या राशि: कन्या राशि बुध की राशि है, यहां पर मंगल 11वें भाव से गोचर करेंगे। 11वां भाव आपकी आय का भाव है, आपकी डिजायर्स का भाव है। आपकी जो एलिवेशन होती है, लाइफ में तरक्की होती है, जो सामाजिक प्रतिष्ठा आपको मिलती है वह 11वें भाव से मिलती है। यदि आपने पीछे कोई एफर्ट्स किए हैं किसी चीज को लेकर कुछ चीजें आपने प्लान की है तो वहां पर आपको रिजल्ट इसके मिलते हुए नजर आएंगे। अगले 60 दिन में मंगल यहां पर 11वें भाव में रहकर निश्चित तौर पर आय में भी वृद्धि करने का काम करेंगे, आपकी पोजीशन में भी वृद्धि करने का काम करेंगे। आपको मंगल के इस गोचर का निश्चित तौर पर बहुत फायदा होने वाला है। 

मेष राशि: मेष राशि के लिए लग्नेश का नीच में जाना अच्छा नहीं है तो मेष राशि के जातकों को खास तौर पर ध्यान रखना पड़ेगा। अपनी हेल्थ को लेकर और अपने ड्राइविंग को लेकर खासतौर पर क्योंकि मंगल मेष राशि के लिए अष्टम के भी स्वामी हो जाते हैं। कर्क राशि के लिए तो वैसे ही ध्यान रखना पड़ेगा क्योंकि कर्क राशि में ही मंगल आपके लिए चंद्रमा के साथ आएंगे तो चंद्रमा के साथ जब मंगल नीच हो जाते हैं तो निश्चित तौर पर आपकी अग्रेशन बढ़ सकती है। आपको ब्लड से संबंधित समस्या हो सकती है या फिर आपका गुस्सा  थोड़ा सा ज्यादा बढ़ सकता है। आपको पब्लिक डीलिंग में खासतौर पर जरूर ध्यान रखना पड़ेगा। 

तुला राशि: तुला राशि के लिए यदि हम देखते हैं तो मंगल दशम भाव से गोचर करेंगे। दशम भाव से जब गोचर करते हैं तो यह आपके कर्म का भाव होता है। हालांकि मंगल दशम में दिग्बली हो जाते हैं, बहुत पावरफुल हो जाते हैं लेकिन इसके बावजूद आपको थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा। आपके कार्यस्थल पर थोड़ी सी साजिश हो सकती है। आपके खिलाफ या चीजें आपके अनुकूल नहीं चलेंगी हो सकता है। काम आप कर रहे हो क्रेडिट किसी और को मिल रहा हो या ऐसा हो सकता है। तुला राशि के जातकों के लिए कर्म स्थान से ऐसे प्लनेट का गोचर हो रहा है, जो फेवरेबल नहीं है। 

कर राशि: मकर राशि के लिए मंगल वैसे ही अच्छे नहीं है क्योंकि ये शनि की राशि है। यहां पर मंगल अच्छा फल नहीं करते और मंगल शनि की राशियों में मंगल के लग्नों में शनि अच्छा फल नहीं करते। यहां पर मकर राशि के जातकों के लिए सप्तम भाव में गोचर करना आपके कार्यस्थल को डिस्टर्ब कर सकता है क्योंकि चौथी दृष्टि दशम भाव के ऊपर जाएगी। आपकी राशि के ऊपर दृष्टि होगी। आपके पार्टनर के साथ आपका थोड़ा सा कनफ्लिक्ट हो सकता है क्योंकि सप्तम में ही बैठ जाएंगे। आपका अग्रेशन थोड़ा सा बढ़ सकता है, आपकी वाणी थोड़ी सी डिस्टर्ब हो सकती है। 


नरेश कुमार
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Content Editor

Prachi Sharma

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