Vastu Tips: घर के मुख्य द्वार पर कैसा बंधनवार लगाना होता है शुभ? जानें सही रंग, दिशा और जरूरी नियम
punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 01:13 PM (IST)
Main Door Vastu Tips Bandhanwar : हिंदू धर्म में घर के मुख्य द्वार को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार केवल घर में प्रवेश करने का रास्ता नहीं होता, बल्कि यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश भी माना जाता है। यही वजह है कि त्योहारों और शुभ अवसरों पर घर के दरवाजे को विशेष रूप से सजाया जाता है। आपने अक्सर देखा होगा कि दिवाली, नवरात्रि, विवाह या किसी मांगलिक कार्य के दौरान लोग अपने घर के मुख्य द्वार पर बंधनवार या तोरण लगाते हैं। मान्यता है कि सुंदर और शुभ बंधनवार लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी का स्वागत होता है। तो आइए जानते हैं कि मुख्य द्वार पर किस प्रकार का बंधनवार लगाना सबसे शुभ माना जाता है, इसके क्या नियम हैं और किस दिशा के लिए कौन-सा रंग सर्वोत्तम है।
कौन से पत्तियों और सामग्रियों का बंधनवार सबसे शुभ?
आम के पत्तों का बंधनवार
आम के पत्तों में देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर का वास माना जाता है। आम की पत्तियां मुख्य द्वार की हवा को शुद्ध करती हैं और वातावरण में सकारात्मक तरंगें फैलाती हैं।
अशोक के पत्तों का तोरण
अशोक का अर्थ ही है 'शोक यानी दुखों को दूर करने वाला'। अशोक के पत्तों का बंधनवार लगाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार के सदस्यों के बीच कलह नहीं होती।
गेंदे के फूलों का तोरण
गेंदे का फूल देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु से संबंधित है। पीले और नारंगी गेंदे के फूलों का बंधनवार घर में सौभाग्य, संपन्नता और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
कौड़ी और सीप का बंधनवार
यदि आप कपड़े या हस्तशिल्प वाला तोरण लगा रहे हैं, तो उसमें कौड़ियां और सीप अवश्य पिरोएं। कौड़ी मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है और यह दरिद्रता को दूर भगाती है।
दिशा के अनुसार चुनें सही रंग और तोरण का प्रकार
पूर्व दिशा
पूर्व दिशा सूर्य और लकड़ी तत्व की दिशा है। इस दिशा के मुख्य द्वार पर हरे रंग का बंधनवार लगाएं।
उत्तर दिशा
उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर और बुद्ध ग्रह की मानी जाती है। यहां पीले या हरे रंग का गेंदे के फूलों वाला तोरण लगाना आर्थिक वृद्धि के लिए उत्तम है।
दक्षिण दिशा
दक्षिण दिशा का द्वार हो तो लाल रंग या धातु/मोतियों के संयोजन वाला तोरण शुभ परिणाम देता है।
पश्चिम दिशा
पश्चिम दिशा के मुख्य द्वार के लिए सफेद, मोतियों या नीले रंगों से सजा हुआ तोरण वास्तु दोष को दूर करता है।
बंधनवार लगाते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी नियम
तोरण को मुख्य द्वार पर इस प्रकार लगाएं कि वह चौखट के ठीक ऊपर हो और अंदर आने-जाने वालों के सिर को स्पर्श न करे।
ताजे पत्तों और फूलों का बंधनवार हफ्ते में 1-2 बार या सूखने पर तुरंत बदल देना चाहिए। सूखे या सड़े हुए पत्तों का तोरण नकारात्मकता पैदा करता है।
तोरण बांधने से पहले मुख्य द्वार को अच्छी तरह साफ करें और जल में हल्दी-गंगाजल मिलाकर छिड़काव करें।
प्लास्टिक के तोरण से बचें। कपड़े या प्राकृतिक चीजों से बने तोरण जिसमें स्वास्तिक, ॐ या श्रीं जैसे शुभ चिह्न बने हों, वही उपयोग में लाएं।
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