Maha Shivaratri 2026 : महाशिवरात्रि पर काशी में अनोखा नजारा, खास थीम पर निकलेगी शिव बरात
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 10:46 AM (IST)
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Mahashivaratri 2026 : वाराणसी में इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व एक अनूठे और जीवंत स्वरूप में मनाया जाएगा। काशी की सुप्रसिद्ध शिव बारात इस बार न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगी, बल्कि इसमें पूरे भारत की सांस्कृतिक विविधताओं और बनारसी मस्ती का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
अनूठी थीम: हर आदमी है टेंशन में, चलो थोड़ा गुदगुदाया जाए
इस वर्ष बारात की विशेष थीम आधुनिक जीवन के मानसिक तनाव को दूर करने पर केंद्रित है। आयोजकों का उद्देश्य बनारसी हास्य-व्यंग्य और ठिठोली के जरिए लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाना और समाज में सकारात्मकता फैलाना है।
सांस्कृतिक संगम और होलियाना अंदाज़
इस बार शिव बारात में केवल काशी ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की झलक दिखेगी वृंदावन की लट्ठमार होली, कर्नाटक की हंपी होली और पंजाब का 'होला मोहल्ला' आकर्षण के मुख्य केंद्र होंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर से निमंत्रण पत्र पारंपरिक भोजपुरी भाषा और बनारसी शैली में भेजे जा रहे हैं, जो लोक संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
बारात का मार्ग और समय (15 फरवरी)
महामृत्युंजय महादेव मंदिर (दारानगर) से निकलने वाली यह मुख्य बारात शाम 5:00 बजे शुरू होगी। लगभग 4 किलोमीटर की यह यात्रा 7 घंटों में पूरी होगी। प्रशासन इस आयोजन में लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद कर रहा है।
तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर से भव्य शोभायात्रा
महाशिवरात्रि के अवसर पर तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर से भी दोपहर 12:00 बजे एक भव्य बारात निकाली जाएगी। इस यात्रा में देवी-देवताओं की दिव्य झांकियां, डमरू दल, ऊंट-घोड़े और पारंपरिक वाद्ययंत्र शामिल होंगे। अगले दिन दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार भक्तों को सांभर-चावल का महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। काशी की यह शिव बारात 45 वर्षों की अपनी परंपरा को नए आयाम दे रही है। यह आयोजन दर्शाता है कि कैसे धर्म और उत्सव मिलकर आधुनिक जीवन की थकान को मिटा सकते हैं।
