Religious Katha: भगवान शिव ऐसे भक्त के दूध चढ़ाने से होते हैं प्रसन्न

punjabkesari.in Monday, Jan 10, 2022 - 09:45 AM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Religious Katha: शिवभक्त कुमारप्पा को न जाने क्या सूझी कि उन्होंने अपने इष्ट देव शंकर भगवान के सम्मान में एक हौद को दूध से लबालब भर देने का निश्चय किया। हौद काफी गहरा और चौड़ा था। कुमारप्पा ने प्रधानमंत्री से मंत्रणा की और आदेश निकाला कि नगर के ग्वाले शहर का पूरा दूध लेकर मंदिर आएं। जो इसका उल्लंघन करेगा वह दंड का भागी होगा। उस दिन किसी ने थोड़ा भी दूध बछड़े को नहीं पीने दिया। शहर का पूरा दूध लाकर हौद में डाल दिया गया। इसके बाद भी वह थोड़ा-सा खाली ही रह गया। राजा को चिंता हुई। इसी बीच एक बूढ़ी मां आई। भक्ति भाव से उसने लुटिया भर दूध चढ़ाकर भगवान से कहा, ‘‘शहर भर के दूध के आगे मेरी लुटिया की क्या बिसात? फिर भी भगवान बुढिय़ा की श्रद्धा भरी ये दो बूंद स्वीकार करो।’’

PunjabKesari lord shiv story

दूध चढ़ाकर बुढिय़ा बाहर निकल आई। सभी ने देखा कि हौद अचानक दूध से भर गया। राजा के आश्चर्य का ठिकाना न रहा। दूसरे सोमवार को फिर वैसा ही हुआ। तीसरे-चौथे सप्ताह भी यही क्रम जारी रहा तो राजा का आश्चर्य बढ़ता ही गया। आखिरकार राजा ने खुद उपस्थित होकर रहस्य का पता लगाने का निश्चय किया। गांव भर से आया दूध राजा ने अपने सामने हौद में डलवाया पर हौद पूरा नहीं भरा।

PunjabKesari lord shiv story
इसी बीच वही वृद्ध औरत आई और उसके दूध समर्पित करते ही, हौद पूरा भर गया। बुढ़िया पूजा करके निकल गई। राजा भी उसके पीछे हो लिया। कुछ दूर जाने के बाद उसने बुढिय़ा को रोका और पूछा, ‘‘तुमने कौन-सा जादू किया जो हौद भर गया?’’

उसने कहा, ‘‘घर के बाल-बच्चों, ग्वाल बालों सभी को दूध पिलाने के बाद बचे हुए दूध में से एक लौटा दूध लेकर मैं आती हूं। सभी को तृप्त करके शेष दूध भगवान को चढ़ाते ही वह श्रद्धाभाव से उसे ग्रहण करते हैं और हौद भर जाता है।’’

PunjabKesari lord shiv story
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News