Chaitra Purnima 2026: आज का दिन है विशेष, व्रत कथा पढ़ने या सुनने से दूर होंगे सभी कष्ट

punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 09:58 AM (IST)

Chaitra Purnima 2026: आज धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ दिन है। हिंदू धर्म में चैत्र पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। यह हिंदू नववर्ष की पहली पूर्णिमा होती है, जिसे स्नान, दान और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने से व्यक्ति के जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। 

इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा का पर्व विशेष संयोग लेकर आया है, क्योंकि इसी दिन हनुमान जी का जन्मोत्सव, यानी हनुमान जयंती भी मनाई जा रही है।

Chaitra Purnima Katha

चैत्र पूर्णिमा व्रत कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन समय में एक गरीब ब्राह्मण अपने परिवार के साथ अत्यंत कठिन जीवन व्यतीत कर रहा था। घर में भोजन और धन का अभाव था। एक दिन उसकी पत्नी ने समाधान पूछा, तभी एक संत उनके घर आए।

संत ने उन्हें चैत्र पूर्णिमा के दिन व्रत रखने, कथा सुनने और जरूरतमंदों को दान करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करने से सभी दुख दूर हो सकते हैं।

ब्राह्मण दंपति ने संत के बताए अनुसार व्रत रखा, कथा सुनी और गरीबों को दान किया। कुछ ही समय में उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। आर्थिक स्थिति सुधरी और परिवार में सुख-शांति स्थापित हुई। तभी से यह मान्यता प्रचलित हो गई कि इस दिन व्रत कथा का पाठ करने और दान करने से जीवन के संकट समाप्त होते हैं।

Chaitra Purnima Katha

हनुमान जन्मोत्सव का पावन संयोग
चैत्र पूर्णिमा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसी दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। कथा के अनुसार, माता अंजनी ने संतान प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर वायु देव के आशीर्वाद से हनुमान जी का जन्म हुआ।

इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

चैत्र पूर्णिमा पूजा विधि
भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा करें।
दीपक जलाकर व्रत कथा पढ़ें।
जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दान दें।
शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें।

Chaitra Purnima Katha

चैत्र पूर्णिमा का महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन किए गए दान-पुण्य से संचित पापों का नाश होता है। यह दिन नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।

जो लोग आर्थिक समस्याओं या पारिवारिक कलह से परेशान हैं, उनके लिए इस दिन भगवान विष्णु और हनुमान जी की आराधना विशेष लाभकारी मानी जाती है।

चैत्र पूर्णिमा केवल एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया व्रत, कथा और दान व्यक्ति के जीवन को सुखमय बना सकता है।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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