खोज रहे हैं किस्मत पर लगे बंद ताले की चाबी तो इस मंदिर जाना न भूलें

11/20/2019 3:32:13 PM

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
सफलता, जिसे पाने की इच्छा किसी नहीं होती। बल्कि इसे पाने के लिए हर कोई अपने जीवन में जितना उससे हो सकता है संघर्ष करता है। लेकिन हम में से लगभग लोग ऐसे होते हैं जिन्हें सफलता पाने की चाह भी होती है और इसके लिए मेहनत भी करते हैं परंतु वो इसे हासिल नहीं कर पाते। और इन लोगो में आधे से ज्यादातक लोग इसका कारण अपने आप कतो देने लगते हैं कि शायद उनके गी प्रयासों में किसी तरह की कमी है जो अपने जीवन में शिखर तक पहुंचते-पहुंचते रह जाते हैं। आपको बता दें हर किसी के साथ ऐसा हो ये ज़रूरी नहीं है। कुछ हालातों में हमें अपनी मेहनत के साथ-साथ भगवान का आशीर्वाद की भी आवश्यकता होती है। आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आपकी बंद किस्मत के दरवाज़े खुल जाएंगे। इससे न केवल आपके जीवन की परेशानियां दूर होंगे बल्कि साथ ही आपके द्वारा हर कार्य में सफलता प्राप्त होने के योग बनने लगते हैं।
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इससे पहले कि आप सोच में पड़ जाएं कि आख़िर ऐसा कौन सा मंदिर हैं तो बता दें वैसे तो सभी मंदिरों में जाकर भगवान को की गई प्रार्थना सफल होती है। परंतु जिस प्राचीन मंदिर की बात हम कर रहे हैं उसका रहस्य बाकियों से कुछ अलग है। जिस मंदिर की हम बात कर रहे हैं वो कानपुर के बंगाली मोहाल मोहल्ले में स्थित काली माता को समर्पित है। जिसे ‘ताले वाले देवी’ के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां आने वाले हर व्यकित की किस्मत का बंद ताला खुल जाता है। परंतु इसके लिए उन्हें माता रानी के चरणों में ताला-चाबी अर्पित करना होता है। लोक मान्यता के यहां ये परंपरा आज से नहीं बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है। साथ ही बताया जाता है ये मंदिर करीबन 300 वर्ष पुराना है।

मन्नत पूरी होने पर करना होता है ऐसा-
बताया जाता है मां काली के इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भक्त मां के दर्शनों के लिए आते हैं तथा यहां ताला बंद कर मनोकामनाएं मांगते हैं। कहा जाता है आमतौर पर यहां लोहे के ताले लगाए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग अपनी इच्छानुसार मां के चरणों में सोने, चांदी और अन्य धातुओं के ताले भी अर्पित करते हैं। बता दें मंदिर में ताला लगाने से पूर्व इसका विधि-वत पूजा की जाती है।
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'ताले वाली देवी' कहा जाने के पीछे का रहस्य
पौराणिक कथाओं के अनुसार सदियों पहले की बात है एक महिला भक्त थी, जो किसी कारण बहुत परेशान थी। अपनी परेशानियां से छुटकारा पाने के लिए वे हर दिन मां काली के मंदिर में दर्शन करने के लिए आती थी। कुछ ही दिनों बाद उस महिला ने मंदिर के प्रांगण में ताला लगाना शुरू कर दिया। जब पुरोहित ने इस बारे में उससे सवाल किया तो महिला ने जवाब दिया कि उसके सपने में उस मां काली ने दर्शन दिया और उससे ऐसा करने को कहा और ये भी कहा कि ऐसा करने से तुम्हारी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी।

बताया जता है ऐसा करने के  कुछ ही दिनों बाद स्वतः मंदिर की दीवार पर लिखा पाया गया कि तुम्हारी मनोकामना पूरी हो गई है। लोक मान्यता के अनुसार इसके बाद से वह महिला वहां कभी नहीं दिखी और उसके द्वारा लगाया हुआ ताला भी गायब हो गया। इसके बाद से ही यहां ये परंपरा प्रचलित हो गई।
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Jyoti

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