Kedarnath Yatra 2026 : केदारघाटी में अब डिजिटल होगा सफर ! घोड़ा-खच्चरों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, यात्रा को हाई-टेक बनाने में जुटा प्रशासन

punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 10:34 AM (IST)

Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ यात्रा 2026 को लेकर रुद्रप्रयाग प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण और आधुनिक फैसला लिया है। अब केदारघाटी के पैदल मार्ग पर चलने वाले हर घोड़ा-खच्चर का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य न केवल यात्रियों की सुरक्षा है, बल्कि जानवरों के साथ होने वाली क्रूरता को रोकना और यात्रा को अधिक पारदर्शी बनाना भी है।

केदारनाथ पैदल मार्ग (गौरीकुंड से केदारनाथ) पर चलने वाले सभी घोड़ा-खच्चरों का अब ऑनलाइन पंजीकरण होगा। बिना वैध पंजीकरण और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के किसी भी जानवर को यात्रा मार्ग पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। घोड़ा-खच्चर चलाने वाले संचालकों को भी अपना पंजीकरण कराना होगा और उन्हें प्रशासन की ओर से विशेष आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। इससे यात्रियों से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतों पर लगाम लगेगी।

पशुपालन विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि केवल स्वस्थ जानवरों को ही यात्रा में शामिल किया जाए। बीमार या कमजोर जानवरों से काम करवाने वाले संचालकों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब डिजिटल माध्यम से यह ट्रैक कर सकेगा कि किसी निश्चित समय पर पैदल मार्ग पर कितने घोड़े-खच्चर मौजूद हैं। इससे Crowd Management में काफी मदद मिलेगी।

प्रशासन की तैयारियां
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि पैदल मार्ग पर जगह-जगह घोड़ा-खच्चरों के लिए पीने के पानी की चरही (हौदी) और उनके रुकने के स्थानों का सौंदर्यीकरण व मरम्मत का काम समय से पूरा कर लिया जाए। इसके अलावा, स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए मार्ग पर गोबर के निस्तारण के लिए विशेष टीम तैनात की जाएगी।

यात्रियों को क्या होगा फायदा ?
यात्रियों के पास उस घोड़े और संचालक की पूरी जानकारी होगी, जिस पर वे सवार हैं।

रजिस्ट्रेशन होने से अवैध वसूली पर रोक लगेगी और यात्रियों को तय दरों पर ही सेवा मिलेगी।

घोड़ों की संख्या सीमित और नियंत्रित होने से पैदल चलने वाले यात्रियों को कम परेशानी होगी।

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Content Editor

Sarita Thapa

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