Ganesh Chaturthi 2026 Date: 14 या 15 सितंबर? जानें किस दिन घर विराजेगें विघ्नहर्ता बप्पा, नोट करें स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 01:26 AM (IST)
Ganesh Chaturthi 2026 Date: भाद्रपद मास का शुभारंभ होते ही चारों तरफ गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शुरू हो जाती हैं। हर साल भक्तों को बप्पा के आगमन का बेसब्री से इंतजार रहता है। साल 2026 में गणेश चतुर्थी की सही तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि बप्पा को आखिर किस दिन घर लाना मंगलकारी रहेगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि जिस दिन गणेश जी का जन्म हुआ था, उस दिन भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी थी। इस दिन को गणेश चतुर्थी और विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। ऐसा भी माना जाता है कि इन दिनों में जो जातक गणेश जी को घर में बैठाकर सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसके जीवन में सदा ही बप्पा का आशीर्वाद बना रहता है।

14 सितंबर या फिर 15 सितंबर?
पंचांग की गणना और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आइए जानते हैं कि बप्पा की स्थापना के लिए कौन सा दिन और कौन सा समय सबसे उत्तम रहेगा।
चतुर्थी तिथि को लेकर क्यों है बड़ा कंफ्यूजन?
सनातन पंचांग के अनुसार, साल 2026 में भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 14 सितंबर 2026 को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर हो रही है। वहीं, इस चतुर्थी तिथि का समापन अगले दिन यानी 15 सितंबर 2026 को सुबह 07 बजकर 44 मिनट पर होगा। तिथि का विस्तार दो दिनों में होने के कारण ही लोगों के मन में तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

14 सितंबर को ही क्यों की जाएगी गणपति स्थापना?
धार्मिक नियमों के अनुसार, गणेश चतुर्थी का त्योहार तय करने के लिए केवल तिथि का प्रारंभ या अंत देखना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पूजा के लिए सही समय का मिलना भी अत्यंत आवश्यक माना गया है।
मध्याह्न काल का महत्व: भगवान गणेश की स्थापना और आराधना के लिए मध्याह्न काल (दोपहर का समय) को सबसे पवित्र और शुभ माना जाता है।
साल 2026 में 14 सितंबर को ही चतुर्थी तिथि के दौरान गणेश पूजन के लिए यह शुभ मध्याह्न काल प्राप्त हो रहा है।
यही मुख्य कारण है कि चतुर्थी तिथि 15 सितंबर की सुबह तक होने के बावजूद भी, गणेश चतुर्थी का महापर्व 14 सितंबर 2026 को ही मनाया जाएगा। इसलिए आप बप्पा का स्वागत करने और उन्हें घर लाने की तैयारी 14 सितंबर को ही करें।

25 सितंबर को होगा गणपति विसर्जन (Ganesh Visarjan 2026)
गणेश चतुर्थी से आरंभ होने वाला यह पावन गणेशोत्सव पूरे 10 दिनों तक श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाता है। इसका समापन अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा के विसर्जन के साथ होता है।
इस साल 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी, जिस दिन बप्पा को विदाई दी जाएगी और उनका विसर्जन किया जाएगा।
हालांकि, जो लोग पूरे 10 दिन तक बप्पा को नहीं रख पाते, वे अपनी पारिवारिक परंपरा और श्रद्धानुसार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन या फिर सात दिन बाद भी गणपति बप्पा का विसर्जन कर सकते हैं।
गणेश जी को विघ्नहर्ता और सुख-समृद्धि के देवता माना जाता है, इसलिए उनका आशीर्वाद लेने से जीवन में सफलता, समृद्धि और खुशी की प्राप्ति होती है। गणेश जी की स्थापना के दौरान निम्नलिखित विधि अपनाई जा सकती है:
स्वच्छता और पवित्रता: सबसे पहले अपने घर और पूजा स्थल को स्वच्छ और पवित्र करें। यह वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा लाने में मदद करेगा।
गणेश प्रतिमा की स्थापना: गणेश जी की मूर्ति को पूजा स्थल पर रखें।
पानी और फूल: गणेश जी को जल अर्पित करें और उनके चरणों में ताजे फूल चढ़ाएं। यह उनके प्रति श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करता है।
दीप और अगरबत्ती: दीप जलाएं और अगरबत्ती का धुआं करें ताकि वातावरण शुद्ध और दिव्य हो जाए।
लड्डू और मोदक: गणेश जी को उनका प्रिय भोग, मोदक और लड्डू चढ़ाएं। आप इन चीजों को श्रद्धा से अपने घर में बनाकर चढ़ा सकते हैं।
Chant the mantra of Ganesh ji गणेश जी के मंत्र जाप: गणेश जी की पूजा में निम्नलिखित मंत्र का जाप करें: ॐ गण गणपतये नमः ॐ श्री गणेशाय नमः
इस मंत्र का जाप करें, ताकि गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त हो सके और सभी विघ्न समाप्त हो जाएं।
आरती: पूजा के बाद गणेश जी की आरती गाएं। इससे घर में समृद्धि और सुख-शांति आती है।
प्रार्थना: पूजा के बाद आप अपने परिवार के साथ गणेश जी से आशीर्वाद लें और प्रार्थना में यह निवेदन करें कि वे आपके सभी कार्यों में सफलता और समृद्धि लाएं।

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