Pithori Amavasya 2026 : 10 या 11 सितंबर है पिठोरी अमावस्या, जानें स्नान-दान और तर्पण का शुभ मुहूर्त

punjabkesari.in Wednesday, Sep 09, 2026 - 01:08 PM (IST)

Pithori Amavasya 2026 : हिंदू धर्म में  भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या का बहुत खास महत्व है। इसे पिठोरी अमावस्या, कुशाग्रहणी अमावस्या, पोला अमावस्या और मातृ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य करने से जीवन की सभी समस्याएं समाप्त होती हैं और संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस साल इस तिथि की शुरुआत और समाप्ति को लेकर लोगों के बीच कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है। तो आइए जानते हैं पिठोरी अमावस्या के स्नान-दान और तर्पण का शुभ मुहूर्त के बारे में-

Pithori Amavasya 2026

पिठोरी अमावस्या 2026 डेट 
पंचांग के अनुसार, पिठोरी अमावस्या की तिथि 10 सितंबर को सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 11 सितंबर को सुबह 8 बजकर 56 मिनट पर होगा। इस तिथि के अनुसार, पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर को ही मनाई जाएगी। 

पिठोरी अमावस्या 2026 स्नान-दान का मुहूर्त 
पिठोरी अमावस्या पर स्नान दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 31 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।

Pithori Amavasya 2026

पिठोरी अमावस्या का महत्व
इस दिन महिलाएं आटा से 64 योगिनियों और सप्तमातृकाओं की प्रतिमाएं बनाकर उनकी पूजा करती हैं। इससे संतान को आरोग्यता, सफलता और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भाद्रपद अमावस्या पर जल में तिल और कुश मिलाकर पितरों को अर्घ्य देने से पितृ दोष शांत होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसे कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहते हैं, क्योंकि सालभर के धार्मिक कार्यों के लिए इस दिन साफ-सुथरी जगह से कुश घास उखाड़कर घर लाई जाती है।

Pithori Amavasya 2026

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Content Editor

Sarita Thapa

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