Kalsarp Yog 2026: आज से कालसर्प योग का साया, इन राशियों के जीवन में आ सकता है तूफान, 23 जून तक रहें बेहद सावधान!
punjabkesari.in Tuesday, Jun 09, 2026 - 10:32 AM (IST)
Kalsarp Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प योग को अत्यंत प्रभावशाली और कष्टकारी माना गया है। आज 9 जून 2026 से आकाश मंडल में एक बार फिर इस खतरनाक योग का निर्माण होने जा रहा है, जो 23 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब चंद्रमा राहु और केतु के घेरे में प्रवेश करता है, तब इस नकारात्मक योग का जन्म होता है। इस बार 9 जून को चंद्रमा शनि की राशि कुंभ में गोचर करेंगे, जहां केतु पहले से ही विराजमान है। ग्रहों की इस स्थिति के कारण विशेष रूप से 4 राशियों के जातकों को संभलकर रहने की आवश्यकता है, क्योंकि उनकी सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

इन 4 राशियों पर मंडरा रहा है खतरा
वृषभ राशि (Taurus): 9 जून से 23 जून 2026 के दौरान वृषभ राशि के जातको को कड़ी चुनौतियों से गुजरना होगा। डिप्रैशन अथवा मानसिक तनाव बना रहेगा। कोई अपना आपकी पीठ के पीछे से वार कर सकता है। खुद के अतिरिक्त किसी पर भी भरोसा न करें। फैमिली में बेवजह छोटी-छोटी बात को लेकर तनाव हो सकता है।
सिंह राशि (Leo): मैरिड लाइफ और पार्टनरशिप में समस्याएं अपना सिर उठाएंगी। खुद के स्वभाव में परिवर्तन लाना होगा अन्यथा बड़ा नुकसान होने के पूरे-पूरे चांस हैं। अपनी बातचीत का लहजा नरम रखें। चीजों को इग्नोर करें, उन्हें तूल न दें अन्यथा खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मारने का काम करेंगे।
वृश्चिक राशि (Scorpio): मानसिक उथल-पुथल बनी रहेगी। क्या सही है, क्या गलत है इसमें उलझ कर रह जाएंगे। सेहत को लेकर बेहद सावधानी की अवश्यकता है। खानपान पर नियंत्रण रखें। समय अच्छा नहीं है लेकिन जीवन खराब नहीं है। सकारात्मक रवैया रखें, नकारात्मकता जल्दी ही आपका बसेरा छोड़ देगी।
कुंभ राशि (Aquarius): वर्तमान समय में चंद्रमा कुंभ राशि में ही गोचर कर रहा है। अत: इसका प्रभाव भी तीव्र रहेगा। जो भी बदलाव होंगे वो अचानक ही होंगे जैसे धन हानि, रिश्तों में अलगाव अथवा दुर्घटना का खतरा। खुद के स्वभाव में कोमलता रखें। जल्द ही खुशियां लौट कर आपका द्वार खटखटाएंगी।

कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने हेतु करें ये पूजा
पूजा के लिए नागदेव का चित्र चौकी के ऊपर रखें। फिर हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाकर नाग देवता की पूजा करें। कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर लकड़ी के पट्टे पर बैठे सर्प देवता को अर्पित करें। पूजा के बाद नाग देवता की आरती उतारें।
कालसर्प दोष से मुक्ति देंगे ये उपाय
भगवान शिव की पूजा करें। शिवलिंग पर जलाभिषेक करें और शिव चालीसा का पाठ करें।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी रहेगा।
Maha Mrityunjaya Mantra महामृत्युंजय मंत्र- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
शाम के समय राहु और केतु के मंत्रों का जाप करें।
Rahu Mantra राहु मंत्र: राहु बीज मंत्र: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
राहु का सामान्य मंत्र: ॐ रां राहवे नमः
राहु गायत्री मंत्र: ॐ सूनत्पुत्राय विद्महे सिंहतुण्डाय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात्
Ketu Mantra केतु मंत्र: केतु बीज मंत्र: ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
केतु का सामान्य मंत्र: ॐ कें केतवे नमः
केतु गायत्री मंत्र: ॐ अश्वध्वजाय विद्महे शूलहस्ताय धीमहि तन्नो केतुः प्रचोदयात्

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