शनि की साढ़ेसाती और ढैया से हैं परेशान तो कालाष्टमी पर अपनाएं सरसों के तेल का ये अचूक उपाय
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 10:18 AM (IST)
Kalashtami Shani Sade Sati Remedy : ज्योतिष में शनि देव को कर्मफल दाता और कालभैरव को तंत्र-मंत्र व भय का नाशक माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडलू में शनि की साढ़ेसाती, ढैया या कोई शनि दोष चल रहा है, तो कालष्टमी का दिन आपके लिए बहुत फलदायी रहने वाला है। सनातान धर्म में कालष्टमी का बहुत खास महत्व है। माना जाता हैकि इस दिन काल भैरव और शनि देव की एक साथ सच्चे मन और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में आनमे वाली बड़ी से बड़ी परेशानी भी दूर हो जाती है। इस दिन सरसों के तेल का खास उपाय करने से शनि दोष से राहत मिलती है। तो आइए जानते हैं कालाष्टमी पर किया जाने वाला सरसों के तेल का वह चमत्कारी उपाय के बारे में-
सरसों के तेल का छाया दान उपाय
शनि की ढैया और साढ़ेसाती के कष्टों को कम करने के लिए छाया दान सबसे कारगर उपायों में से एक माना गया है। कालाष्टमी के दिन एक कांस्य या लोहे की कटोरी शुद्ध सरसों का तेल, 1 रुपये का सिक्का लें। अब उस तेल में अपना चेहरा ध्यान से देखें। चेहरा देखने के बाद भगवान कालभैरव और शनि देव से अपनी भूल-चूक की क्षमा मांगें और शनि पीड़ा से मुक्ति की प्रार्थना करें। इस तेल को किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें या शनि मंदिर या पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाकर समर्पित कर दें। इस उपाय को करने से वक्री शनि के प्रकोप से मिलेगी राहत मिलती है।
सरसों के तेल का चौमुखा दीपक
कालाष्टमी की रात को किसी पीपल के पेड़ के नीचे या शनि मंदिर में सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और शनि देव और कालभैरव के मंत्रों का जाप करें। माना जाता है कि इस उपाय को करने से शनि के कुप्रभाव से शांति मिलती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
काले तिल का उपाय
शनि दोष से मुक्ति और रुके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए सावन की कालाष्टमी बेहद खास मानी जाती है। इस दिन काल भैरव महाराज के चरणों में श्रद्धापूर्वक काले तिल चढ़ाएं और अपनी मनोकामना मांगें। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन की सभी रुकावटें दूर होती हैं और कार्यों में तेजी आने लगती है।
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