Sawan Kalashtami: सावन की कालाष्टमी पर बरसेगी काल भैरव की कृपा, संकटों से मुक्ति के लिए जरूर करें ये महाउपाय!
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 10:53 AM (IST)
Sawan Kalashtami 2026: सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए जाना जाता है, लेकिन इस महीने में आने वाली कालाष्टमी का भी विशेष महत्व है। वर्ष 2026 में सावन मास की कालाष्टमी कल मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप, भगवान काल भैरव की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट और भय दूर हो जाते हैं।

काल भैरव की पूजा से दूर होंगे संकट
कालाष्टमी का व्रत भक्तों के लिए संकटमोचक माना जाता है। कहा जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से इस दिन काल भैरव की आराधना करते हैं, उन्हें नकारात्मक शक्तियों और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। सावन के महीने में इस व्रत का फल दोगुना हो जाता है क्योंकि यह समय महादेव और उनके अवतारों की कृपा पाने के लिए सर्वोत्तम है।

सावन कालाष्टमी पर संकटों से मुक्ति के लिए जरूर करें ये महाउपाय
शास्त्रों के अनुसार कुत्ते को भैरव बाबा का वाहन कहा जाता है। अत: इस रोज कुत्ते की सेवा का विशेष महत्व है। कुत्ते को रोटी और दूध खिलाएं। इससे भगवान काल भैरव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर अपनी छत्रछाया बनाए रखते हैं। काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाने से सांसारिक वस्तुएं, भोग-विलास के साधन, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन प्राप्त होता है।
ज्योतिषी विद्वान कहते हैं केतु कुत्ते का प्रतीक है। कुत्ता पालने या उसकी सेवा करने से केतु का अशुभ प्रभाव खत्म हो जाता है।

उदर व्याधि के लिए एक काले रंग के कुत्ते का बाल और अकरकरा बच्चे के गले में बांध देने से बालक के उदर के रोग और ज्वर नष्ट हो जाते हैं।
कुत्ता शनि और केतु का भी प्रतीक माना जाता है। इनकी शांति के लिए काले या काले-सफेद रंग के कुत्ते को रोटी खिलाएं।
जिनकी कुंडली में कालसर्प योग होता है, उन्हें घर में काला कुत्ता पालना चाहिए।
काल भैरव की कथा जरुर सुनें।
बाबा काल भैरव के आगे तेल का दीपक लगाने से हर इच्छा पूरी होती है।
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