Jupiter Transit 2026 in Cancer : कर्क में गुरु, मकर राशि वालों के वालों के तरक्की के योग

punjabkesari.in Friday, May 22, 2026 - 09:16 AM (IST)

Jupiter Transit 2026 in Cancer : इस साल  देव गुरु बृहस्पति का गोचर होने जा रहा है। यह साल 2026 का का सबसे बेस्ट गोचर होने जा रहा है।  गुरु उच्च के होने जा रहे हैं और गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है, क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं। 12 साल बाद घूम के अपनी कर्क राशि यानी कि जो उच्च राशि है वहां पर आते हैं, तो इस साल यह अच्छी चीज होने जा रही है। यह बहुत सारी राशियों के लिए ब्लेसिंग वाली चीज है। 2 जून को गुरु कर्क में आएंगे। हालांकि गुरु एक साल में एक राशि पूरी करते हैं। लेकिन गुरु इन दिनों शीघ्रगामी गति से चल रहे हैं। इसी साल 31 अक्टूबर को दोबारा सिंह राशि में आएंगे। ऐसा नहीं है कि गुरु का गोचर छह महीने का हो गया या पांच महीने का हो गया। यह गोचर साल का ही होगा। यहां पर सिंह में आएंगे, वक्री होंगे, मार्गी होंगे। फिर 24 जनवरी को 2027 को फिर दोबारा कर्क में आ जाएंगे। फिर रहेंगे 24 जून तक कर्क में। तो साइकिल पूरा साल का है लेकिन इन तीन महीनों में नवंबर का महीना पूरा है दिसंबर का है। जनवरी के 24 दिन है। इन तीन महीनों में सिंह में रहेंगे। लेकिन टोटल कर्क राशि में ही 9 महीने रहेंगे। 

यहां पर गुरु के इस गोचर का क्या फल होगा इस पे विचार करेंगे। लेकिन गुरु का जो गोचर होता है वह पांच राशियों के लिए अच्छा होता है। गुरु का गोचर कुंडली में दूसरे भाव में, पांचवें भाव में, सातवें भाव में, नौवें भाव में और 11वें भाव में अच्छा होता है। गुरु इतने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। आपकी कुंडली में 12 भाव होते हैं। दूसरा भाव धन का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। पांचवा इजी गेंस का बुद्धि विवेक का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। हायर एजुकेशन का यह भाव होता है। उसके कारक गुरु है। नाइंथ हाउस आपका भाग्य स्थान होता है। अध्यात्म से जुड़ा हुआ भाव होता है। आपकी लाइफ में जितना भी कुछ आता है, यह नाइंथ हाउस सबसे बेस्ट भाव होता है कुंडली का। उसके कारक गुरु हैं। 11वां भाव जो आपकी आय का भाव होता है उसके कारक गुरु हैं। यदि यह गुरु अच्छे गोचर में रहते हैं, तो इसका बहुत फायदा मिलता है, क्योंकि ज्ञान के कारक, संतान के कारक, धन के कारक, भाग्य के कारक सबके कारक गुरु ही है। आपको आपकी राशि के बारे में सब कुछ बताया जाएगा कि कहां पर गुरु की दृष्टि आएगी। किसके लिए फल अच्छा रहेगा, किसके लिए फल खराब रहेगा। गुरु जो है वह कितना इंपॉर्टेंट रोल प्ले करते हैं मकर राशि के जातकों के लिए भी और मकर राशि के जातकों के लिए। 

मकर राशि 
मकर राशि से सप्तम में गोचर होगा। केंद्र भाव में गोचर होगा। मकर राशि शनि की राशि है। मकर राशि के लिए गुरु किन दो भावों के स्वामी हो जाते हैं। मूल त्रिकोण राशि 12 में आ गई। 12वां भाव अच्छा भाव नहीं होता। दूसरी राशि जो तीसरे भाव में आ गई। इसको उपाच्य स्थान कहते हैं। यह भाव भी अच्छा भाव नहीं होता। लेकिन क्योंकि यहां पर गुरु शुभ गोचर में है। बहुत सारे ऐसे मकर राशि के जातक हैं, जो इस समय गुरु की दशा में गुजर रहे हैं। खासतौर पर जो यंग अवस्था में 25 30 साल 35 साल की ऐज में है। उनको यहां पर गुरु की दशा चल रही है। दशानाथ उच्च के हो जाए और केंद्र में आ जाएंगे। सबसे पहले पांचवी दृष्टि जाएगी आपके आय भाव के ऊपर। 11वें भाव के ऊपर जाएगी और 11वें भाव को एक्टिव करेंगे। एलिवेशन का भाव, तरक्की का भाव, आय का भाव, कर्म के फल का भाव, इच्छाओं की पूर्ति का भाव। यहां पर गुरु की दृष्टि आपके लिए यह सारे दरवाजे खोलने का काम करेगी। यहां पर आप पॉजिटिव ज्यादा होते हुए नजर आएंगे क्योंकि मकर राशि को सीधी दृष्टि मिलेगी। गुरु की और गुरु की दृष्टि किसी भी राशि के ऊपर पॉजिटिव है। वह पॉजिटिविटी लाने का काम करती है। 

यहां पर आप थोड़ा सा एंथरिज्म में पाएंगे। थोड़ा सा उत्साहित पाएंगे क्योंकि आय थोड़ी सी बढ़ती हुई नजर आएगी। आपको लगेगा कि मेहनत कर रहे हैं, तो उसका फल भी आपको मिलना शुरू हो गया है। ये चीजें होंगी आपके लिए मकर राशि के जातकों के लिए यहां पर गुरु सप्तम में बैठे हैं, तो पार्टनर से संबंधित चीजें बढ़ती हुई आगे नजर आएंगी जो लोग पार्टनरशिप में काम करना चाहते हैं या पार्टनर के साथ काम करना चाहते हैं या जिनके यहां पर जिनको शादी का इंतजार है शादी नहीं हो रही पार्टनर लाइफ में आ सकता है और इसके अलावा गुरु की नौवीं दृष्टि जाएगी आपके तीसरे भाव के ऊपर। तीसरा भाव आपके पराक्रम का भाव है। छोटे भाई का भाव है। बॉडी में कंधे का एरिया यहां से देखा जाता है। तो यहां पर आपको इन सारी चीजों में थोड़ा सा पॉजिटिविटी होती हुई नजर आएगी। पता लगे कि आप काम नहीं कर रहे थे। आपको लग रहा था कि मन नहीं कर रहा काम करने को तो आपका जो है वह पराक्रम बढ़ता हुआ नजर आएगा। थोड़ा सा आप मेहनत थोड़ी सी हिम्मत ज्यादा करते हुए नजर आएंगे। 

उपाय- यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है तो गुरु की स्थिति को इंप्रूव करने के लिए कुछ रेमेडीज शास्त्रों में दी गई है तो वो रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। अगर आपका गुरु, राहु, केतु एक्सिस पे है। गुरु लग्न कुंडली के छठे, आठवें, 12वें में पड़ा हुआ है। गुरु शनि मंगल से पीड़ित है या गुरु खराब स्थिति में है, तो आपको गुरु की रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। अपने टीचर की रिस्पेक्ट करिए। दूसरा गुरु की रेमेडी होती है। गुरु ज्ञान के कारक है। तो किसी एक बच्चे को आप स्टडी में हेल्प करिए। कोई मैटर नहीं करता कि आप किस तरीके से हेल्प कर रहे हैं। आप उसको अपनी नॉलेज शेयरिंग के रूप में भी कर सकते हैं। कोई बच्चा मान लीजिए कोई पढ़ना चाहता है। उसको आपके पास समय है। आप उसको एक सब्जेक्ट में असिस्ट कर सकते हैं। ₹10 की पेंसिल लेके दे सकते हैं। स्कूल का बैग लेके दे सकते हैं। स्कूल की यूनिफार्म ले लेके दे सकते हैं। स्टेशनरी लेके दे सकते हैं। या उसकी स्टडी में हेल्प कर सकते हैं। किसी को ज्ञान देना, किसी को ज्ञान में हेल्प करना यह गुरु का काम है। गुरु के जो मंत्र्रास होते हैं ओम ब्रह्म बृहस्पताए नमः उसका जप किया जा सकता है। पीली चीजों का दान कर सकते हैं। गुरु का स्टोन पहन सकते हैं। आपके पास पैसा है तो पुखराज पहन लीजिए। लेकिन पुखराज तभी पहनिएगा यदि आपकी कुंडली में गुरु 6, 8, 12 में नहीं बैठे। यदि 6, 8, 12 में बैठे हैं, तो गुरु की यह रेमेडी मत करिएगा। 

नरेश कुमार
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Content Editor

Sarita Thapa

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