Home Cleansing Tips: घर की हवा बनानी है शुद्ध? कपूर के साथ ये दो चीजें जलाने से मिलेगा सुकून
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 10:29 AM (IST)
Home Cleansing Tips: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी, बढ़ता प्रदूषण और लगातार मानसिक दबाव का असर अब सीधे हमारे घर के माहौल पर भी दिखने लगा है। कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के घर में रहते हुए भी भारीपन, चिड़चिड़ापन, बेचैनी या थकान महसूस होती है। वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद के अनुसार, इसका कारण घर में जमा नकारात्मक या रुकी हुई ऊर्जा हो सकती है।
ऐसे में कपूर के साथ लोबान और गुग्गल जलाने की प्राचीन विधि घर के वातावरण को शुद्ध करने और मानसिक शांति पाने में सहायक मानी जाती है।

कपूर, लोबान और गुग्गल का महत्व
लोबान और गुग्गल प्राकृतिक राल (Resin) हैं, जिनका उपयोग प्राचीन काल से पूजा-पाठ और आयुर्वेदिक उपचारों में किया जाता रहा है। कपूर वातावरण को तुरंत शुद्ध कर सकारात्मक ऊर्जा फैलाने में सहायक माना जाता है। लोबान तनाव कम करने और मन को शांत रखने के लिए जाना जाता है। गुग्गल में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं, जो हवा में मौजूद हानिकारक सूक्ष्म जीवों को नष्ट करने में मदद करते हैं।

घर की हवा को बनाता है शुद्ध
कपूर के साथ लोबान और गुग्गल जलाने से निकलने वाला धुआं प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर की तरह काम करता है। मान्यता है कि यह घर के कोनों में छिपे सूक्ष्म कीटाणुओं को खत्म करता है, जो सर्दी-खांसी, एलर्जी और सांस से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। खासतौर पर मानसून और मौसम बदलने के समय यह उपाय बेहद लाभकारी माना जाता है।

नकारात्मक ऊर्जा दूर करने का वास्तु उपाय
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के कुछ हिस्सों में ऊर्जा का प्रवाह रुक सकता है, जिससे तनाव, पारिवारिक कलह और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। इससे बचने के लिए संध्या काल में पीतल के पात्र या मिट्टी के दीपक में कपूर जलाएं। उसमें थोड़ा सा लोबान और गुग्गल डालें। उठते धुएं को पूरे घर में फैलाएं, विशेष रूप से अलमारियों के पीछे, बंद कमरों और अंधेरे कोनों में। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और घर में सकारात्मक वाइब्स आती हैं।
जलाने की सही विधि और जरूरी सावधानियां
केवल शुद्ध भीमसेनी कपूर का ही उपयोग करें। दो छोटी टिकिया पर्याप्त होती हैं। लोबान और गुग्गल की मात्रा बहुत अधिक न रखें। धुआं तेज न हो, केवल हल्की सुगंध फैलनी चाहिए। प्रक्रिया के बाद कुछ समय के लिए खिड़कियां खोल दें, ताकि ताजी हवा का संचार बना रहे। अगर किसी को सांस की गंभीर समस्या या एलर्जी हो, तो इस उपाय को करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

