Vastu Tips : घर की नेगेटिव एनर्जी दूर कर देंगे पर्दों के ये रंग, सुख-समृद्धि खुद चले आएगी
punjabkesari.in Friday, Jan 16, 2026 - 03:05 PM (IST)
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Vastu Tips : वास्तु शास्त्र में घर की हर छोटी-बड़ी वस्तु का अपना महत्व होता है। अक्सर हम घर की दीवारों के रंग और फर्नीचर पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन पर्दों को केवल सजावट की वस्तु समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु के अनुसार, पर्दे केवल धूप को नहीं रोकते, बल्कि वे घर में आने वाली ऊर्जा के प्रवाह को भी नियंत्रित करते हैं। सही दिशा में सही रंग के पर्दे लगाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार पर्दों के रंगों का चयन कैसे करें और उनके नियम क्या हैं।
दिशा के अनुसार पर्दों के रंगों का चुनाव
वास्तु शास्त्र पंचतत्वों पर आधारित है। हर दिशा का एक प्रतिनिधि तत्व और रंग होता है।

पूर्व दिशा
पूर्व दिशा सूर्य की दिशा है, जो विकास और सामाजिक संबंधों का प्रतीक है। यहां हरे या हल्के नीले रंग के पर्दे लगाने चाहिए। हरा रंग ताजगी और विकास का प्रतीक है, जो परिवार के सदस्यों के बीच खुशहाली लाता है।
पश्चिम दिशा
यह दिशा लाभ और प्राप्ति की दिशा मानी जाती है। यहां सफेद, सुनहरा या पीले रंग के पर्दे सबसे अच्छे होते हैं। सफेद रंग शांति का प्रतीक है और यह दिशा में ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखता है।
उत्तर दिशा
उत्तर दिशा कुबेर की दिशा है जो धन और करियर के अवसरों को दर्शाती है। यहां नीले या आसमानी रंग के पर्दे लगाने चाहिए। नीला रंग जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, जो धन के आगमन के नए मार्ग खोलता है।
दक्षिण दिशा
यह दिशा अग्नि तत्व और यश की दिशा है। यहां लाल, नारंगी या गुलाबी रंग के पर्दे लगाना उत्तम रहता है। ये गहरे रंग आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और घर के मुखिया के मान-सम्मान में वृद्धि करते हैं।

कमरों के अनुसार पर्दों का चयन
ड्राइंग रूम
यह वह स्थान है जहां मेहमान आते हैं और परिवार एक साथ समय बिताता है। यहां क्रीम, हल्का पीला या भूरा रंग इस्तेमाल किया जा सकता है। यह रंग स्थिरता और मेलजोल को बढ़ावा देते हैं।
बेडरूम
दांपत्य जीवन में मधुरता और अच्छी नींद के लिए बेडरूम में गुलाबी, हल्का बैंगनी या पीच रंग के पर्दे लगाने चाहिए। लाल रंग के पर्दों से यहां बचना चाहिए क्योंकि यह उग्रता बढ़ा सकते हैं।
पूजा घर
पूजा घर में पवित्रता का होना अनिवार्य है। यहां पीले या केसरिया रंग के पर्दे सबसे शुभ माने जाते हैं। पीला रंग ज्ञान और एकाग्रता का प्रतीक है।
