Holika Dahan 2026 Vastu Tips : धन, सुख और शांति के लिए अपनाएं होलिका दहन की राख का ये वास्तु उपाय
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 02:59 PM (IST)
Holika Dahan 2026 Vastu Tips : होलिका दहन की पावन अग्नि केवल लकड़ियों का ढेर नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत और नकारात्मक ऊर्जा के दहन का प्रतीक है। लेकिन अग्नि के शांत होने के बाद बची हुई होलिका की राख शास्त्रों में किसी वरदान से कम नहीं मानी गई है। अक्सर हम दहन के बाद राख को वहीं छोड़ देते हैं, जबकि वास्तु शास्त्र और प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, यह राख अपने भीतर ब्रह्मांडीय ऊर्जा समेटे होती है। यदि इसे सही विधि से घर लाया जाए और कुछ विशेष वास्तु उपाय किए जाएं, तो यह न केवल घर के वास्तु दोष को जड़ से मिटा सकती है, बल्कि आपके जीवन में सुख, शांति और अपार धन-वैभव के द्वार भी खोल सकती है। तो आइए जानते हैं कि कैसे एक चुटकी राख आपकी किस्मत की लकीरों को बदल सकती है और आपके आशियाने को खुशियों से भर सकती है।

वास्तु दोष निवारण के लिए
यदि आपके घर में बार-बार क्लेश होता है या आपको लगता है कि घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास है, तो होलिका दहन की अगली सुबह उसकी ठंडी राख लेकर आएं। इसमें थोड़ा सा राई और नमक मिलाएं। इसे घर के हर कोने में और मुख्य द्वार पर छिड़कें। माना जाता है कि इससे घर की नेगेटिविटी दूर होती है और सुख-शांति का संचार होता है।
आर्थिक तंगी और धन लाभ के लिए
अगर आपकी मेहनत का फल नहीं मिल रहा या पैसा टिकता नहीं है, तो होलिका की राख को एक लाल कपड़े में बांधें। अब इसे अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। वास्तु के अनुसार, यह उपाय धन के अनावश्यक खर्च को रोकता है और घर में लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त करता है।

बुरी नज़र और स्वास्थ्य के लिए
यदि घर का कोई सदस्य बार-बार बीमार पड़ता है या उसे नज़र दोष की समस्या रहती है, तो होलिका की पवित्र राख का एक छोटा सा तिलक बीमार व्यक्ति के माथे या गर्दन पर लगाएं। मान्यता है कि यह 'विभूति' की तरह काम करती है और बुरी शक्तियों व स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं से रक्षा करती है। नहाने के पानी में एक चुटकी राख मिलाकर स्नान करने से शरीर की शुद्धि होती है और मन से तनाव दूर होता है।
व्यापार और कार्यक्षेत्र में तरक्की
ऑफिस या दुकान में सफलता पाने के लिए होलिका की राख को गंगाजल में मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें। इससे अपनी दुकान या कार्यस्थल के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। यह कार्यक्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर कर व्यापार में वृद्धि करता है।

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