Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू नववर्ष पर ब्रह्म मुहूर्त में किए गए ये 3 काम, बदल सकते हैं आपका पूरा साल
punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 09:22 AM (IST)
Hindu New Year 2026 Upay: हिंदू धर्म में नववर्ष का विशेष महत्व होता है। हिंदू नववर्ष को नव संवत्सर भी कहा जाता है और इसकी शुरुआत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है। वर्ष 2026 में हिंदू नववर्ष 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नववर्ष का पहला दिन बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किए गए पूजा-पाठ, मंत्र जाप और शुभ संकल्प पूरे साल जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सफलता और समृद्धि लेकर आते हैं।
पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। इसलिए इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष 2026?
पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में हिंदू नववर्ष की शुरुआत 19 मार्च 2026 से होगी। इस दिन से विक्रम संवत 2083 (परंपरागत गणना के अनुसार) का आरंभ माना जाएगा। यह संवत्सर रौद्र नाम संवत्सर रहेगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष राजा ग्रह के रूप में गुरु बृहस्पति का प्रभाव रहेगा, जो ज्ञान, धर्म, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं।

नववर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में करें ये 3 शुभ काम
धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नववर्ष के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में किए गए शुभ कार्य पूरे वर्ष जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं। इसलिए इस दिन सुबह जल्दी उठकर ये तीन काम जरूर करने चाहिए।
स्नान और पूजा से करें दिन की शुरुआत
हिंदू नववर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त (सुबह लगभग 4:00 से 5:30 बजे) के बीच उठना बहुत शुभ माना जाता है। इस समय उठकर स्नान करना और स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए।
इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर पूजा करनी चाहिए। इस दिन विशेष रूप से भगवान गणेश, माता दुर्गा और भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में की गई प्रार्थना जल्दी स्वीकार होती है और जीवन में शुभ फल प्रदान करती है।
गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
नववर्ष के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में मंत्र जाप करना बेहद फलदायी माना गया है। इस समय गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना विशेष शुभ होता है।
गायत्री मंत्र का जाप करने से बुद्धि, ज्ञान और सकारात्मक सोच बढ़ती है।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक शक्ति मिलती है।
नियमित रूप से मंत्र जाप करने से मन शांत रहता है और पूरे साल सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
सुबह उठकर करें कर दर्शन मंत्र का उच्चारण
धार्मिक परंपरा के अनुसार सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखकर कर दर्शन मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।
मंत्र: कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती। करमूले तू गोविंदा प्रभाते कर दर्शनम्॥
इस मंत्र का अर्थ है कि हाथों के अग्रभाग में देवी लक्ष्मी, मध्य भाग में मां सरस्वती और मूल में भगवान विष्णु का वास होता है। इसलिए सुबह उठते ही हाथों का दर्शन करने से इन तीनों देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
नववर्ष पर करें सकारात्मक संकल्प
हिंदू नववर्ष को नई शुरुआत और नए संकल्पों का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सकारात्मक विचारों के साथ नए लक्ष्य निर्धारित करना शुभ माना जाता है। यदि दिन की शुरुआत पूजा, मंत्र जाप और अच्छे विचारों से की जाए तो पूरे वर्ष जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त हो सकती है।

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