हरतालिका तीज के दिन इन 4 गलतियों से रहें सावधान, व्रत का फल हो सकता है प्रभावित
punjabkesari.in Saturday, Sep 12, 2026 - 11:01 AM (IST)
Hartalika Teej 2026 :14 सितंबर को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाएगा। जो लोग अभी तक नहीं जानते हैं कि हरतालिका तीज क्या है और इस व्रत को क्यों रखा जाता है, उन्हें बता दें कि हरतालिका तीज का व्रत हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर रखा जाता है और यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर सुखी दांपत्य जीवन, अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। बता दें कि हरतालिका तीज के व्रत को सबसे कठिन व्रतों में भी गिना जाता है। ऐसे में इस व्रत के नियमों के अनुसार कुछ चीज़ें और कार्य ऐसे भी बताए गए है जिन्हें इस दिन करना वर्जित माना जाता है। कहा जाता है कि अगर कोई इन वर्जित कार्यों को करता है तो इससे व्रत का फल प्रभावित हो सकता है साथ ही कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं कि हरतालिका तीज पर कौन से 4 गलतियों से सावधान रहना चाहिए।

सबसे पहले वर्जित कार्य की बात करें तो हरतालिका तीज का व्रत अखंड सौभाग्य, खुशहाल जीवन और पति की लंबी आयु की कामना से किया जाता है। महिलाएं इस दिन 16 शृंगार करती है,ऐसे में इस दौरान एक बात का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है कि इस दौरान काले और सफेद रंग के वस्त्र धारण न करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दोनों रंगों को सुहाग से जुड़े कार्यों में शुभ नहीं माना जाता है। कुछ मान्यताओं में काले रंग को नकारात्मक माना जाता है, वहीं परंपराओं के अनुसार सफेद रंग विवाहित महिलाएं धारण नहीं करती है। इसलिए इस दौरान इन दो रंगों के साथ-साथ नीले रंग के वस्त्र पहनने से भी बचने की सलाह दी जाती है।
आगे बता दें कि हरतालिका तीज की धार्मिक परंपरा में व्रत की रात जागरण का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए लंबे समय तक कठोर तप किया था और शिव भक्ति में रात्रि जागरण भी किया था। इसी परंपरा के चलते व्रती महिलाओं और कुंवारी कन्याओं को तीज की रात सोने के बजाय शिव-पार्वती का स्मरण और मंत्र जाप करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ी पौराणिक कथा का पाठ या श्रवण भी किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा के साथ इस परंपरा का पालन करने से व्रत की पूजा-अर्चना पूर्ण मानी जाती है।
इसके अलावा हरतालिका तीज के दिन मन, वाणी और व्यवहार में संयम रखने की परंपरा बताई गई है। इसलिए किसी के प्रति अपशब्द बोलने, अपमान करने या दूसरों की बुराई करने से बचना चाहिए। इस पावन दिन क्रोध और अनावश्यक बहस से दूर रहकर घर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तीज के दिन घर में कलह-क्लेश करना शुभ नहीं माना जाता और कहा जाता है कि इससे माता गौरी की कृपा प्रभावित हो सकती है। आगे बता दें कि हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रखने की परंपरा है। यानी के इस व्रत के दौरान न ही अन्न का सेवन करना होता है और न ही जल का। ऐसे में व्रत रखने वालों को इस बात का पूरा ध्यान देना चाहिए कि वह गलती से भी किसी भी प्रकार के अन्न या जल का सेवन न कर लें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से व्रत खंडित माना जा सकता है और व्रत की पूजा का फल प्रभावित हो सकता है।

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