Gangaur 2026 Puja Samagri List: गणगौर पूजा के लिए जरूरी सामग्री की पूरी सूची, जानें विधि और महत्व

punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 10:03 AM (IST)

Gangaur 2026 Puja: गणगौर का पावन पर्व इस वर्ष 21 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। यह विशेष दिन चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया को आता है, जिसे “बड़ी गणगौर” के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं ईसर जी (भगवान शिव) और गौरी जी (माता पार्वती) का विधि-विधान से पूजन करती हैं और उनकी विदाई करती हैं।

गणगौर का यह पर्व पूरे 18 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत होली के दूसरे दिन से होती है। विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने की कामना करती हैं।

Gangaur 2026 Puja Samagri List

गणगौर पूजा का महत्व
गणगौर राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों का एक प्रमुख लोकपर्व है। इस दिन महिलाएं बालू या मिट्टी से शिव-पार्वती (ईसर-गौरा) की प्रतिमा बनाकर उनका श्रृंगार करती हैं। पूजा के दौरान लोकगीत गाए जाते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है।

Gangaur 2026 Puja Samagri List

गणगौर पूजा सामग्री लिस्ट (Gangaur Puja Samagri List)
गणगौर पूजा को विधिपूर्वक करने के लिए निम्नलिखित सामग्री आवश्यक होती है: 

मुख्य पूजन सामग्री
लकड़ी की चौकी, तांबे का कलश, गणगौर माता की प्रतिमा (मिट्टी/बालू से बनी), पूजा थाली, पानी से भरा बर्तन, आम के पत्ते,
नारियल और लकड़ी की टोकरी।

पूजन व श्रृंगार सामग्री
कुमकुम, हल्दी, चावल (अक्षत), फूल, घास (दूब), मेहंदी, काजल, माता की चुनरी, लाल या पीले रंग का कपड़ा और गणगौर के वस्त्र।

दीप व अन्य सामग्री
मिट्टी के दीये, घी, धूप/अगरबत्ती और काली मिट्टी या होली की राख।

भोग एवं अर्पण सामग्री
मिठाई, मूंग, गेहूं, पान के पत्ते, गुलाल और अबीर

अन्य सामग्री
दो मिट्टी के बर्तन और दो मिट्टी के कुंडे/गमले

गणगौर पूजा में “गुने” क्या होते हैं?
गणगौर पूजा में “गुने” का विशेष महत्व होता है। महिलाएं मैदा, बेसन और आटे में हल्दी मिलाकर छोटे-छोटे गहनों जैसे आकार बनाती हैं, जिन्हें गुने कहा जाता है। मान्यता है कि जितने अधिक गुने माता गौरी को अर्पित किए जाते हैं, उतना ही परिवार में सुख-समृद्धि और वैभव बढ़ता है। पूजा के बाद ये गुने परिवार की अन्य महिलाओं जैसे सास, ननद या जेठानी को भेंट किए जाते हैं।

Gangaur 2026 Puja Samagri List

गणगौर पूजा विधि
सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें।
चौकी पर ईसर-गौरा की प्रतिमा स्थापित करें।
सभी सामग्री से विधि-विधान से पूजन करें।
लोकगीत गाते हुए जल अर्पित करें।
भोग लगाकर आरती करें।
अंत में विधिवत विदाई दी जाती है।

Gangaur 2026 Puja Samagri List

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Content Writer

Niyati Bhandari

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