Ganesh Chaturthi: गणेश चतुर्थी पर गलती से देख लिया है चांद तो न हो परेशान, कलंक दोष से बचने के लिए करें ये अचूक शास्त्रीय उपाय
punjabkesari.in Tuesday, Sep 15, 2026 - 08:12 AM (IST)
Ganesh Chaturthi Moon Sighting Remedies: शास्त्रों में भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) के दिन चंद्र दर्शन को वर्जित माना गया है। धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, इस दिन चंद्रमा देखने से व्यक्ति पर झूठा आरोप या मिथ्या कलंक लगने का खतरा रहता है। शास्त्रों में वर्णित प्रसिद्ध श्लोक के अनुसार: "भाद्रशुक्लचतुथ्र्यायो ज्ञानतोऽज्ञानतोऽपिवा। अभिशापीभवेच्चन्द्रदर्शनाद्भृशदु:खभाग्॥"

अर्थात् जो भी मनुष्य जानबूझकर या अनजाने में ही भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी की तिथि को चंद्रमा का दर्शन करता है, वह अभिशप्त होता है और उसे जीवन में भारी कष्ट व दुःखों का सामना करना पड़ता है। गणेश पुराण के अनुसार भी इस दिन चंद्र दर्शन करने पर व्यक्ति को कलंक का सामना करना पड़ता है, क्योंकि यह स्वयं भगवान श्री गणेश का वचन है।

यदि आपसे भूलवश या अनजाने में गणेश चतुर्थी का चांद दिख जाए, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। शास्त्रों में इसके निवारण के लिए कई असरदार और शास्त्रीय उपाय बताए गए हैं, जिनसे आप इस दोष से मुक्त हो सकते हैं:
शास्त्रनुसार गणेश चतुर्थी अर्थात कलंक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन निषेध माना गया हैं। इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को एक साल तक मिथ्या कलंक लगता है। भगवान श्री कृष्ण को भी चंद्र दर्शन का मिथ्या कलंक लगने के प्रमाण हमारे शास्त्रों में विस्तार से वर्णित हैं। यदि भूल से भी चौथ का चंद्रमा दिख जाय तो 'श्रीमद् भागवत्' के 10वें स्कन्ध के 56-57वें अध्याय में दी गई 'स्यमंतक मणि की चोरी' की कथा का आदरपूर्वक श्रवण करना चाहिए। भाद्रपद शुक्ल तृतिया और पंचमी के चन्द्रमा का दर्शन करना चाहिए, इससे चौथ को दर्शन हो गए तो उसका ज्यादा खतरा नहीं होगा। मानव ही नहीं पूर्णावतार भगवान श्रीकृष्ण भी इस तिथि को चंद्र दर्शन करने के पश्चात मिथ्या कलंक से नहीं बच पाए थे।
गणेश चतुर्थी के चंद्रमा का दर्शन करने से झूठा कलंक लगता है। यदि अनजाने में चंद्रमा दिख जाए तो निम्र मंत्र का जाप करना चाहिए। यह दोष का शमनार्थ है।
मिथ्या आरोप निवारक मंत्र: सिंह प्रसेनम् अवधात, सिंहो जाम्बवता हत:। सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्रास स्वमन्तक॥

इस कठिन मंत्र का जाप करना संभव न हो तो गणेश जी के निमित्त व्रत और पूजा करने से इसका लांछन नहीं लगता। श्रद्धा व विश्वास के साथ इन सरल गणेश मंत्रों का जाप करें-
ॐ गणाधिपाय नमः
ॐ उमापुत्राय नमः
ॐ विघ्ननाशनाय नमः
ॐ विनायकाय नमः
ॐ ईशपुत्राय नमः
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
ॐ एकदन्ताय नमः
ॐ इभवक्त्राय नमः
ॐ मूषकवाहनाय नमः
ॐ कुमारगुरवे नमः
मौली (कलावे) में 21 दूर्वा बांधकर एक सुंदर मुकुट बनाएं। इस मुकुट को गणेश मंदिर में जाकर विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के मस्तक पर अर्पित करें।
गणपति बाप्पा की प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति पर 21 मोदक या लड्डूओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू भगवान गणेश के समीप रखें और शेष 16 लड्डू योग्य ब्राह्मणों में बांट दें।
शाम के समय सूर्यास्त से ठीक पहले किसी पात्र में दही और शक्कर मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें। इस घोल को किसी दोने में रखें और उसमें अपनी शक्ल देखें। इसके बाद मन ही मन अपनी समस्या कहें और उस दही-शक्कर के मिश्रण को किसी श्वान (कुत्ते) को खिला दें।
दर्पण में अपना चेहरा देखें और फिर उस दर्पण को किसी बहते हुए शुद्ध जल में प्रवाहित कर दें।
रात के समय अपना मुंह नीचे करके और आंखें बंद करके आकाश में स्थित चंद्रमा की ओर आईना दिखाएं। इसके बाद उस आईने को किसी चौराहे पर ले जाकर फेंक दें।
अनजाने में हुए चंद्र दर्शन के प्रभाव को समाप्त करने के लिए 21 अलग-अलग पेड़-पौधों के पत्ते तोड़कर अपने पास रखें।
शाम के समय अपने किसी अतिप्रिय निकट संबंधी से कटु वचन बोलें और अगले दिन प्रातः काल उनसे क्षमा मांग लें।
पड़ोसी की छत पर छोटा-सा पत्थर का टुकड़ा फेंकना भी लोक परंपराओं में इस दोष से मुक्ति का एक तरीका माना गया है।

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