Durva Vinayak Chaturthi : कब मनाई जाएगी सावन की दूर्वा विनायक चतुर्थी, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

punjabkesari.in Thursday, Aug 13, 2026 - 01:30 PM (IST)

Durva Vinayak Chaturthi : हिंदू धर्म में सावन की दूर्वा विनायक चतुर्थी का बहुत खास महत्व है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को दूर्वा विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। माना जाता है कि इस दिन गणेश जी को दूर्वा अर्पित करके  सच्चे मन से उनकी पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और मन की सारी इच्छा पूरी होती है। साथ ही शुभ फलों की प्राप्ति होती है और गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। तो आइए जानते हैं दूर्वा विनायक चतुर्थी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-

Durva Vinayak Chaturthi :

दूर्वा गणेश चतुर्थी 2026 मुहूर्त

सावन शुक्ल चतुर्थी तिथि 15 अगस्त 2026 को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन अगले दिन 16 अगस्त को शाम 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इस दिन  गणेपति जी की पूजा 2 घंटे 38 मिनट का समय मिलेगा।

गणपति पूजा का मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर 1 बजकर 44 मिनट तक।

Durva Vinayak Chaturthi

दूर्वा गणेश चतुर्थी 2026 पूजा विधि

दूर्वा गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। 

फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें। 

उसके बाद एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उसमें गणेश जी की मूर्ति या तस्वी स्थापित करें।

अब गणपति जी को जल या गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें रोली, चंदन और अक्षत का तिलक लगाएं।  

दूर्वा विनायक चतुर्थी पर 21 दूर्वा की गांठें बनाकर "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करते हुए श्री गणेश के मस्तक पर अर्पित करें।

भगवान गणेश को मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। साथ में लाल फूल और फल अर्पित करें।  

देसी घी का दीपक और धूपबत्ती जलाकर गणेश चालीसा का पाठ करें और अंत में भावपूर्ण आरती करें।

Durva Vinayak Chaturthi

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 

    


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News