शनिवार के दिन इस विधि से करें शनिदेव को प्रसन्न
punjabkesari.in Friday, Dec 27, 2019 - 04:53 PM (IST)
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हिंदू धर्म के अनुसार शनिवार का दिन शनिदेव की आराधना का दिन माना जाता है। बहुत लोगों की ऐसी धारणाएं हैं वे बहुत क्रोधित देव हैं, जबकि ऐसा कहना बिलकुल गलत है। बहुत ही कम लोग ये बात जानते होंगे कि वे न्याय के देवता के रूप में माने जाते हैं। उन्हें प्रसन्न करना बेहद आसान है। वे कभी भी किसी के साथ अन्याय बर्ताव नहीं करते हैं, वे हमेशा हर किसी को उसके गुनाह के अनुसार ही दंड देते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि शनिवार के दिन उन्हें किस पूजन विधि से प्रसन्न किया जाए।

पूजन विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नहा धोकर और साफ कपड़े पहनकर पीपल के वृक्ष पर जल अर्पण करें।
शनि मंदिर में जाकर लोहे से बनी शनि देवता की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं और फिर मूर्ति को चावलों से बनाए चौबीस दल के कमल पर स्थापित करें।
शनिदेव की काले तिल, फूल, धूप, काला वस्त्र व तेल आदि से पूजा करें। पूजन के दौरान शनि के दस नामों का उच्चारण करें- कोणस्थ, कृष्ण, पिप्पला, सौरि, यम, पिंगलो, रोद्रोतको, बभ्रु, मंद, शनैश्चर का जाप करना न भूलें।

पूजन के बाद पीपल के वृक्ष के तने पर सूत के धागे से सात परिक्रमा करें और शनिदेव का मंत्र पढ़ते हुए प्रार्थना करें
मंत्र- शनैश्चर नमस्तुभ्यं नमस्ते त्वथ राहवे। केतवेअथ नमस्तुभ्यं सर्वशांतिप्रदो भव॥
शनिवार के दिन भूलकर भी न करें ये काम
अगर आप शनि की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो शनिवार पर कुछ काम करने से बचना चाहिए, जैसे अगर आप नाखून या बाल काटते हैं, तो शनिदेव आपसे नाराज हो सकते हैं।
इस दिन आपको जितना हो सके, उतना दान करना चाहिए। मंदिर के अलावा किसी जरुरतमंद व्यक्ति को अपनी जरुरत का सामान दान कर सकते हैं।

शनिदेव को जानवरों से विशेष लगाव है, इसलिए उन्हें खुश रखने के लिए आपको जानवरों पर अत्याचार नहीं करना चाहिए और साथ ही कुत्तों, गाय, बकरी आदि पशु-पक्षियों को रोटी खिलानी चाहिए।
शनिवार को लोहे को घर में लाना वर्जित माना जाता है, अगर आप घर में कोई लोहे का सामान लाने का मन बना रहे हैं, तो आपको इससे बचना चाहिए।
