बुद्ध पूर्णिमा 2026: 30 अप्रैल या 1 मई? तारीख को लेकर न हों परेशान, जानें भगवान बुद्ध के जन्मोत्सव का महामुहूर्त और सटीक पूजा विधि
punjabkesari.in Thursday, Apr 16, 2026 - 09:03 AM (IST)
Buddha Purnima 2026 Date: हिंदू धर्म और बौद्ध अनुयायियों के लिए वैशाख पूर्णिमा का दिन अत्यंत पावन माना जाता है। इसी दिन सत्य, अहिंसा और शांति के अग्रदूत भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। इस वर्ष 2026 में बुद्ध पूर्णिमा की सही तारीख को लेकर श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि यह पर्व 30 अप्रैल को मनाया जाए या 1 मई को।

क्यों है तारीखों का भ्रम? पंचांग के अनुसार, इस वर्ष वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 30 अप्रैल 2026 को रात 09 बजकर 12 मिनट पर होगा। वहीं, इस तिथि का समापन 1 मई 2026 को रात 10 बजकर 52 मिनट पर होगा। चूंकि सनातन धर्म में उदयातिथि का विशेष महत्व है, इसलिए बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व 1 मई 2026, शुक्रवार को ही मनाया जाएगा।
महामुहूर्त की पूरी जानकारी (1 मई 2026): पूजा-पाठ और स्नान-दान के लिए निम्नलिखित मुहूर्त श्रेष्ठ रहेंगे:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:15 से 04:58 तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:52 से दोपहर 12:45 तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 से 03:24 तक
अमृत काल: शाम 06:56 से रात 08:41 तक

Buddha Purnima Puja Vidhi बुद्ध पूर्णिमा पूजा विधि
इस दिन घर में बुद्ध देव की मूर्ति स्थापित करें। साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
अब शंख में केसर मिलाकर श्रीहरि का अभिषेक करें और पीले रंग के वस्त्र दान करें।
तुलसी जी के साथ भगवान बुद्ध को मिष्ठान का भोग लगाएं।
फिर भगवान विष्णु की पूजा करें और उनके मंत्रों का जाप करें।
अंत में सूरज ढलने के बाद उगते चंद्रमा को जल अर्पित करें।
Buddha Purnima Puja बुद्ध पूर्णिमा विशेष पूजा: बुद्ध जयंती के दिन पूरे संसार के बौद्ध मठों में भगवान बुद्ध के उपदेशों और प्रार्थनाओं की गूंज सुनाई देती है। भगवान बुद्ध से संबंधित सभी बौद्ध स्थलों पर बौद्ध भिक्षु इकट्ठे होकर उनकी शिक्षाओं को याद करते हैं। इस दिन श्रद्धालु भगवान बुद्ध की प्रतिमा की फूलों, फलों व अगरबत्ती द्वारा पूजा-अर्चना करते हैं व प्रसाद चढ़ाकर वितरित भी किया जाता है।

