Dhwaj Temple Pithoragarh : प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति का अनूठा संगम है पिथौरागढ़ का ध्वज मंदिर, जानें इसकी खासियत
punjabkesari.in Sunday, Sep 20, 2026 - 08:52 AM (IST)
Dhwaj Temple Pithoragarh : उत्तराखंड के पूर्वी हिमालयी सीमांत जिला पिथौरागढ़ में भगवान शिव और माता जयंती को समर्पित ‘ध्वज मंदिर’ स्थित है। प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसा यह मंदिर धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपनी सकारात्मक ऊर्जा के लिए भी जाना जाता है। यह मंदिर आध्यात्मिक पहचान और अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह पवित्र स्थान भक्तों को आध्यात्मिक शांति और अलौकिक ऊर्जा का अनुभव कराता है।

लगभग 2000 मीटर की ऊंचाई पर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित मुख्य जयंती माता मंदिर से लगभग 200 फुट नीचे भगवान शिव का एक प्राचीन गुफा मंदिर है। मंदिर से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों और चारों ओर के हरे-भरे पहाड़ों का सुंदर नजारा दिखाई देता है। नवरात्र और महाशिवरात्रि के पावन अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है और विशेष मेले का आयोजन किया जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस ऊंची पहाड़ी पर प्राचीन ऋषियों ने तपस्या की थी और उन्हें यहां देवी-देवताओं के दिव्य दर्शन हुए थे।
इस मंदिर का इतिहास और इससे जुड़ी कथाएं बहुत प्रसिद्ध हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर भगवान शिव के नाम पर एक ‘ध्वज’ लगाया गया था, जिसके बाद स्थानीय निवासियों ने इसका नाम ‘ध्वज मंदिर’ रख दिया। एक अन्य जनश्रुति के अनुसार, इस स्थल का नाम ‘कपड़ी वंश’ के पूर्वजों द्वारा रखा गया था। मंदिर का ऐतिहासिक संबंध खांडनाथ से भी माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्थित लगभग 50 फुट गहरी गुफा में दीर्घकाल तक भगवान शिव का वास रहा है। इस पावन स्थल का धार्मिक महत्व अत्यंत विशिष्ट है, जहां सभी प्रमुख पर्वों को अत्यंत उल्लास के साथ मनाया जाता है।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
