Dhanteras 2026 : धनतेरस पर झाड़ू खरीदना, छिपकली दिखना और दीप जलाना क्यों माना जाता है शुभ? जानें इनके पीछे की मान्यता

punjabkesari.in Saturday, Oct 31, 2026 - 10:00 AM (IST)

Dhanteras 2026 : 06 नवंबर दिन शुक्रवार को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है जिसके कारण इसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस का त्योहार आते ही हर किसी के मन में सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा पाने की इच्छा जागने लगती है। कोई इस दिन सोना-चांदी खरीदता है, तो कोई नए बर्तन और दूसरी शुभ वस्तुएं घर लाता है। धार्मिक परंपराओं में इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में कहा जाता है कि अगर इस दिन के अवसर पर देवी देवताओं की पूजा के साथ कुछ खास उपायों को कर लिया जाएं तो इससे जातक को शुभ फलों की प्राप्ति तो होती है बल्कि साथ ही धन से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलती है और घर में बरकत ही बनी रहती है। तो आइए जानते हैं  धनतेरस पर झाड़ू खरीदना, छिपकली दिखना और दीप जलाना क्यों माना जाता है शुभ।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के पर्व पर झाड़ू खरीदना बेहद ही शुभ माना जाता है। दरअसल धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक परंपराओं के अनुसार झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में कहा जाता है कि इस दिन झाड़ू खरीदकर घर पर लाने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है और घर परिवार में सुख शांति बनी रहती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन घर में छिपकली नजर आना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसे आने वाले समय में आर्थिक खुशहाली बनी रहेगी और धन की कमी नहीं होगी। साथ ही माना जाता है कि इससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और साथ ही सुख-समृद्धि भी आती है।

धनतेरस के अवसर पर हल्दी और चावल से जुड़ा एक उपाय बताया गया है। उपाय के अनुसार धनतेरस के अवसर पर हल्दी और चावल को पीसकर एक लेप तैयार कर लें और उससे घर के मुख्य द्वार पर  ॐ का प्रतीक बनाएं। ऐसा करना बेहद ही शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसके अलावा, धनतेरस से लेकर दीपावली तक प्रतिदिन माता लक्ष्मी की पूजा करते समय उन्हें दो लौंग अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से धन से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलती है।

धनतेरस की शाम यमराज को समर्पित दीप जलाने की परंपरा प्रचलित है, जिसे यम दीपदान कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से दीपदान करने पर परिवार के सदस्यों की लंबी आयु और अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना की जाती है। इस परंपरा के तहत घर के मुख्य द्वार के पास दक्षिण दिशा में अनाज रखकर उस पर दीपक जलाया जाता है। इस दौरान यमराज से परिवार की सुख-शांति और सभी सदस्यों के कल्याण की कामना की जाती है।

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Content Editor

Sarita Thapa

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