Dhanteras 2021: धनतेरस से जुड़ी हर जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

10/26/2021 8:45:19 AM

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Dhanteras 2021: सनातन धर्म में त्रयोदशी तिथि धन, समृद्धि व स्वास्थ्य प्रदान करने वाली मानी गई है विशेषकर कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि जो कि 2 नवंबर, 2021 को है। महर्षि भृगु जी व उनकी पत्नी ख्याति से उत्पन्न संतान जो कि आरोग्य प्रदान करने वाले चतुर्भुज रूप में पैदा हुई। जिनकी ऊपर की दो भुजाओं में शंख व चक्र धारण किये हुए हैं। अन्य दो भुजाओं में औषधी व जल का तथा दूसरे में अमृत कलश लिए हुए हैं। त्रयोदशी तिथि पर समुद्र मंथन के दिन भगवान धनवंतरी जी समुद्र में से एक कलश लेकर प्रकट हुए थे, जो कि अमृत से भरा हुआ था। वह अमृत उत्तम स्वास्थ्य, बल, दीर्घायु प्रदान करने वाला था। इसलिए धनतेरस के दिन कलश खरीदने का प्रचलन है क्योंकि उसके पीछे जनमानस का यह भाव रहता है कि- जिस प्रकार वह अमृत कलश सौभाग्य, वैभव, स्वास्थ्य, बल व दीर्घायु प्रदान करने वाला था, उसी प्रकार यह कलश भी सब पदार्थ प्रदान करने वाला हो जाए।

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What to buy on Dhanteras 2021: के दिन सामर्थ्यानुसार चांदी, सोने या स्टील इत्यादि कई धातुओं के बर्तन एवं जेवर इत्यादि खरीदने का प्रचलन है ताकि उनके घर भी भौतिक सुख इत्यादि प्राप्त हो। इस दिन भगवान धन्वंतरि जी की पूजा का भी विधान है ताकि निरोग रहने का आर्शीवाद प्राप्त हो। इस तिथि को धनतेरस के साथ-साथ धन्वंतरि जयंती और धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है।

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What is special about Dhanteras: मान्यताओं के अनुसार, इस धनतेरस की तिथि पर धन्वंतरि जी, कुबेर जी, मां लक्ष्मी जी, श्री गणेश जी व यमराज की पूजा करने से जातकों के जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती है। रोगों से छुटकारा मिलता है और अच्छे स्वास्थ्य में भी वृद्धि होती है। सुख-समृद्धि, धन तथा वैभव का वरदान मिलता है।

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What is the story behind Dhanteras: प्राचीन परंपराओं के अनुसार, इस दिन लोग आपने घरों में सोने-चांदी के आभूषण, नए बर्तन, चांदी के सिक्के, नए कपड़े आदि सामर्थानुसार चीजें लेकर आते हैं। अगर कोई सोना या चांदी की वस्तु न खरीद सके तो उन्हें कम से कम एक पीतल की वस्तु ज़रूर खरीदनी चाहिए। इसके अलावा पीली कौड़ियां व धनियां खरीद सकते हैं। इन चीजों के आगमन से घर में सकारात्मकता व शुभता आती है। इस दिन खीर, चावल, सफेद कपड़ा, चीनी, बताशे, कुत्तों व बिल्लियों को दूध व गाय को रोटी इत्यादि का यथासंभव दान करने से संचित धन में वृद्धि होती है एवं वह संचित धन सुख देने वाला हो जाता है तथा धन की कमी भी दूर हो जाती है।

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What is the significance of Dhantrayodashi: धनतेरस के दिन यमराज जी के निमित्त दान स्वरूप घर में बना आटे का देसी घी का दीपक संध्या के समय दान के रूप में दक्षिण दिशा में ज़रूर जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में अकाल मृत्यु नहीं होती व आरोग्यता का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Dhanteras 2021 Date Pujan Shubh Muhurat: धनतेरस तिथि (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) और शुभ मुहूर्त
धनतेरस तिथि (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) - 2 नवंबर 2021, मंगलवार को 11:33 ए एम से लेकर 3 नवंबर 2021 को 09:04 पी एम बजे तक है।

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खरीदारी करने का समय: 12:10 ए एम - 02:47 पी एम, 04:05 पी एम - 07:05 पी एम तक है जिसमें कि लाभ, अमृत, शुभ चौघड़िया व स्थिर लगन होने से जिस भी वस्तु की खरीदारी की जायेगी वह स्थिर रूप से अपना पूर्ण सकारात्मक प्रभाव प्रदान कर धन, आरोग्य शरीर, अन्न व सभी प्रकार के भौतिक पदार्थ व उसका पूर्ण सुख प्रदान वाली हो जाएंगी।

धनतेरस पूजन मुहूर्त -  06:18 पी एम- 08:06 पी एम तक।

इस समय भगवान धन्वंतरि जी, कुबेर जी, लक्ष्मी जी, श्री गणेश जी व यमराज जी की पूजा करनी चाहिए।

Sanjay Dara Singh
AstroGem Scientists
LLB., Graduate Gemologist GIA (Gemological Institute of America), Astrology, Numerology and Vastu (SSM).

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Content Writer

Niyati Bhandari

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