Chintpurni Shravan Ashtami Mela: आज से चिंतपूर्णी श्रावण अष्टमी मेला आरंभ, श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम लागू, मंदिर जाने से पहले जान लें प्रशासन की ये नई गाइडलाइंस
punjabkesari.in Thursday, Aug 13, 2026 - 09:00 AM (IST)
Chintpurni Shravan Ashtami Mela 2026: माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में हाजिरी भरने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी में 13 अगस्त से 21 अगस्त तक आयोजित होने वाले वार्षिक श्रावण अष्टमी मेले को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

बिना पंजीकरण नहीं होंगे दर्शन: इस बार मेले में आने वाले भक्तों के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं को पहले पर्ची काउंटर पर जाकर अपना पंजीकरण करवाना होगा, जिसके बाद ही उन्हें मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जाएगी।

इन चीजों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध: मेले के दौरान शांति और स्वच्छता बनाए रखने के लिए कुछ खास पाबंदियां लगाई गई हैं-
हथियार और आतिशबाजी: कानून व्यवस्था में तैनात जवानों के अलावा किसी भी व्यक्ति को हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही आतिशबाजी पर भी पूर्ण रोक रहेगी।
ध्वनि प्रदूषण पर लगाम: मंदिर न्यास के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति या संस्था को लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी।

वाद्य यंत्रों को बैरियर पर ही छोड़ना होगा: मेले में आने वाले श्रद्धालु अपने साथ ब्रास बैंड, ड्रम या लंबे चिमटे नहीं ले जा सकेंगे। इन वाद्य यंत्रों को पुलिस बैरियर पर ही जमा करवाना होगा।
लंगर और प्लास्टिक: सड़क किनारे या खुले में लंगर लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा, पर्यावरण की सुरक्षा हेतु पॉलीथीन के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालु माता के जयकारों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन करें, इसके लिए प्रशासन ने पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है।

